उत्तर प्रदेश की कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों में आने के बाद से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिली है। विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र में हुए विकास कार्यों ने मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और गोकुल की तस्वीर बदल दी है। वर्ष 2017 में गठित ब्रज तीर्थ विकास परिषद के प्रयासों से आज ब्रज न केवल आस्था का केंद्र बना है, बल्कि धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी बनकर उभरा है।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के संयुक्त प्रयासों से धार्मिक स्थलों के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्य किए गए। इसका सबसे बड़ा असर श्रद्धालुओं की संख्या में हुई अभूतपूर्व वृद्धि के रूप में सामने आया है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में ब्रज क्षेत्र में लगभग 79 लाख श्रद्धालु आते थे, जबकि 2019 तक यह संख्या बढ़कर 5.4 करोड़ पहुंच गई। वर्ष 2021 में 10.9 करोड़, वर्ष 2022 में 13 करोड़ और वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक ब्रज पहुंचे। वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में ही करीब 6.9 करोड़ श्रद्धालु ब्रज आ चुके हैं।
जन्माष्टमी, राधा अष्टमी और होली जैसे प्रमुख आयोजनों को देखते हुए इस वर्ष नए रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है। धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बांके बिहारी मंदिर, लाड़ली जी मंदिर, दाऊजी मंदिर और गोवर्धन परिक्रमा मार्ग सहित अनेक स्थलों का विकास कराया गया। विश्राम घाट, ब्रह्मांड घाट, बंगाली घाट, मयूर घाट तथा गोकुल और नंदगांव के कई प्राचीन घाटों की सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण किया गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बरसाना में रोपवे की व्यवस्था शुरू की गई, जिससे लाड़ली जी मंदिर तक पहुंचना आसान हो गया है। वहीं परिक्रमा मार्गों पर टीन शेड, पेयजल व्यवस्था, बैठने के लिए बेंच, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक नालियों का निर्माण कराया गया है। पर्यटकों के मार्गदर्शन के लिए सुविधा केंद्र, साइनेज और हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं।
बेहतर सड़क संपर्क और आधारभूत ढांचे के विकास से ब्रज क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिली है। विभिन्न लिंक रोड और संपर्क मार्गों के निर्माण से आवागमन आसान हुआ है। घाटों पर सुरक्षा के लिए गोताखोरों की तैनाती और नाविकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन में आई इस तेजी का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला है। होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और व्यापार क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत ठाकुर जी के वस्त्र, माला, श्रृंगार सामग्री और धार्मिक साहित्य से जुड़े हजारों लोगों को रोजगार मिला है। कुल मिलाकर, योगी सरकार और ब्रज तीर्थ विकास परिषद के प्रयासों से ब्रज क्षेत्र आज धार्मिक आस्था, पर्यटन विकास और रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है, जिसकी गूंज देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में सुनाई दे रही है।


