Mussoorie News: विश्व की सबसे ऊंची चोटी जॉर्ज एवरेस्ट को नाम देने वाले सर्वेक्षक जॉर्ज एवरेस्ट की जयंती मनाई गई। यह कार्यक्रम मसूरी स्थित जॉर्ज एवरेस्ट हाउस में मनाया गया। इस दौरान उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और राजकीय प्राथमिक विद्यालय हुसैनगंज के छात्र-छात्राओं को उनके जीवन व योगदान की जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ने बताया कि जॉर्ज एवरेस्ट ने भारत में आधुनिक सर्वेक्षण व्यवस्था की मजबूत नींव रखी थी। उनके सम्मान में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी का नाम माउंट एवरेस्ट रखा गया। उन्होंने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट हेरिटेज पार्क का संग्रहालय पर्यटकों को इतिहास से जोड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग रखते हुए कहा कि मसूरी के समग्र इतिहास, संस्कृति और विरासत पर आधारित एक अलग संग्रहालय भी बनाया जाना चाहिए।
पर्यटन विभाग से जुड़े एक अधिकारी हीरा लाल ने बताया कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ने के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम का आयोजन राजाज एयरोस्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड ने किया। इस दौरान सहायक महाप्रबंधक केशव चंद ने बताया कि जॉर्ज एवरेस्ट की विरासत से युवाओं को परिचित कराना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
रिपोर्टर-सुनील सोनकर (मसूरी)/सोनू सिंह


