नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने के आरोप और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त DCP संदीप लांबा को जंतर-मंतर की ड्यूटी से हटा दिया गया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सिर्फ ड्यूटी से हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पुलिस कार्रवाई, कथित बदसलूकी और लाठीचार्ज की पूरी जांच की जाए, ताकि दोषियों की जिम्मेदारी तय हो सके।
लाठीचार्ज पर शिक्षा मंत्री का रिएक्शन
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर शिक्षा मंत्री ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और किसी भी लोकतांत्रिक प्रदर्शन के दौरान संयम बरतना जरूरी है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दों पर संवेदनशील है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन छात्रों के साथ संवाद और सम्मानजनक व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं पर रिपोर्ट मांगे जाने की बात कही और कहा कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो और आरोपों के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग किया गया। महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित थप्पड़ की घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने नाराजगी जताई। कई संगठनों ने मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।

निहंग सिखों का जत्था पहुंचा जंतर-मंतर
इसी बीच छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए निहंग सिखों का एक जत्था जंतर-मंतर पहुंचा।“जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों के साथ पहुंचे निहंग सिखों ने छात्रों के मुद्दों के समर्थन का ऐलान किया।उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल पूरे समाज से जुड़े हैं और ऐसे मामलों में सभी वर्गों को आगे आना चाहिए।हालांकि, प्रदर्शन स्थल पर कुछ लोगों के साथ बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने निहंग सिखों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
“धर्म का काम भविष्य की रक्षा करना है”
आंदोलन से जुड़े लोगों ने कहा कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे किसी एक संगठन या वर्ग तक सीमित नहीं हैं। यह देश की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे हैं, तो समाज के हर वर्ग को लोकतांत्रिक तरीके से उनका समर्थन करना चाहिए।

जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।वहीं, छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।अब नजरें इस बात पर हैं कि जांच के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से क्या अगला कदम उठाया जाता है और क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है।



