गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर हालात बेहद खराब कर दिए हैं। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, गांवों और शहरों में पानी भर गया है और हजारों लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस बीच बॉलीवुड और इंटरनेशनल फिल्मों के जाने-माने अभिनेता आदिल हुसैन ने अपने गृह राज्य की स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई है। आदिल हुसैन ने बताया कि उनका अपना परिवार भी इस बाढ़ की मार झेल रहा है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सदस्य और छोटे-छोटे बच्चे बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। असम
“हर साल वही कहानी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं”
आदिल हुसैन ने कहा कि असम में हर साल बाढ़ आती है, लाखों लोग बेघर हो जाते हैं, फसलें बर्बाद हो जाती हैं और लोगों की पूरी जिंदगी प्रभावित होती है। लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हर साल बाढ़ आने पर राहत कार्यों की बातें तो होती हैं, लेकिन लंबे समय तक इस समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम बहुत कम दिखाई देते हैं। उनके मुताबिक, सरकारें हालात को देखकर बयान देती हैं, लेकिन ऐसी योजना नहीं बन पाती जिससे लोगों को हर साल इस तबाही का सामना न करना पड़े। असम
परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता
अभिनेता ने कहा कि जब तक ऐसी आपदा सिर्फ खबरों में दिखती है, तब तक उसका दर्द पूरी तरह महसूस नहीं होता। लेकिन जब अपना परिवार, बच्चे और अपने लोग उसी मुसीबत में फंस जाएं, तब हालात की गंभीरता समझ आती है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के लोग लगातार पानी से घिरे हुए इलाके में हैं और हर पल उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। असम
लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित
असम के कई हिस्सों में बाढ़ की वजह से सड़कें पानी में डूब गई हैं, कई गांवों का संपर्क टूट गया है और लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है। स्कूल बंद हैं, खेती को भारी नुकसान पहुंचा है और रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। राहत और बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं, लेकिन कई इलाकों तक पहुंचना अब भी चुनौती बना हुआ है।
लोगों से की मदद की अपील
आदिल हुसैन ने लोगों से अपील की कि वे बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जिंदगी का सवाल है। ऐसे समय में सभी को मिलकर जरूरतमंद लोगों का साथ देना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकारें इस बार सिर्फ राहत कार्यों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए भी ठोस और स्थायी कदम उठाएंगी, ताकि असम के लोगों को हर साल इसी दर्द से न गुजरना पड़े। असम


