झांसी में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर अंसारी और अली अहमद प्रयागराज पहुंच गए हैं। दोनों को अलग-अलग जेलों से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज लाया गया। उमर ट्रेन से लखनऊ से प्रयागराज पहुंचे, जबकि झांसी जेल में बंद अली अहमद को भी पुलिस की हाई सिक्योरिटी के बीच यहां लाया गया।

अबान के अंतिम संस्कार को लेकर परिवार, रिश्तेदारों और करीबी लोगों की भीड़ प्रयागराज के पूरामुफ्ती इलाके के हटवा गांव और कसारी-मसारी कब्रिस्तान में जुटी हुई है। जैसे-जैसे उमर और अली के पहुंचने की खबर फैली, कब्रिस्तान के आसपास लोगों की भीड़ और बढ़ गई। हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है।
हटवा गांव से कब्रिस्तान लाया गया जनाजा
अबान का जनाजा पूरामुफ्ती के हटवा गांव से कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया। परिवार के लोग और करीबी पहले से ही दोनों भाइयों के आने का इंतजार कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उमर और अली के पहुंचने के बाद ही अबान का जनाजा उठाया जाना था। कब्रिस्तान के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी, लेकिन लोगों की संख्या बढ़ने के बाद कई जगह बैरिकेडिंग टूट गई। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

जेल से लाने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अली अहमद के प्रयागराज पहुंचने को लेकर पुलिस और जेल प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। अली झांसी जेल में बंद है और उसे अदालत तथा प्रशासनिक अनुमति के बाद कड़ी सुरक्षा में प्रयागराज लाया गया। वहीं, उमर अंसारी भी जेल से बाहर आने के बाद प्रयागराज पहुंचा। दोनों भाइयों को सीधे अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सुरक्षा घेरे में रखा गया। पुलिस की कोशिश रही कि भीड़ के बीच किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी
अबान के जनाजे में परिवार के सदस्यों के अलावा रिश्तेदार और करीबी लोग भी मौजूद रहे। अतीक अहमद के परिवार से जुड़े कई लोग और समर्थक भी कब्रिस्तान के आसपास नजर आए। परिवार के लिए यह बेहद भावुक पल रहा। अबान की मौत के बाद से ही परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे। बड़े भाइयों के पहुंचने के बाद जनाजे को सुपुर्द-ए-खाक करने की प्रक्रिया पूरी की जानी थी।

अतीक और अशरफ की कब्र के पास दफनाया जाएगा अबान
अबान को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। परिवार की ओर से तय किया गया है कि उसे अतीक अहमद और अशरफ की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इसी वजह से कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था काफी बढ़ा दी गई है। कब्रिस्तान के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई है, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह की स्थिति न बिगड़े।

हादसे में हुई थी अबान की मौत
अबान की मौत झांसी में हुए सड़क हादसे में हुई। हादसे की खबर प्रयागराज पहुंचते ही परिवार और करीबियों में शोक की लहर दौड़ गई। इसके बाद उसके शव को प्रयागराज लाया गया, जहां अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू की गईं। अबान के साथ उसका दोस्त रफीक उर्फ सोनू भी हादसे का शिकार हुआ था। सोनू को शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के बाद दफनाया जा चुका है। अब अबान के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

कब्रिस्तान के बाहर भारी भीड़, पुलिस की बढ़ी चुनौती
अबान के जनाजे में उमड़ी भीड़ ने पुलिस-प्रशासन के लिए भी चुनौती बढ़ा दी। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण कब्रिस्तान के आसपास रास्तों पर भी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने लोगों को व्यवस्थित करने और सुरक्षा घेरा बनाए रखने की कोशिश की। अली और उमर के पहुंचने की खबर के बाद भीड़ और बढ़ गई।
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पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद जवानों को भीड़ पर नजर रखने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए। फिलहाल परिवार के लोग अबान के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। भारी सुरक्षा के बीच कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।


