उत्तर प्रदेश में सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटेदारों यानी उचित दर विक्रेताओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने कोटेदारों के लाभांश में बढ़ोतरी की है। पहले जहां उन्हें 90 रुपये प्रति कुंतल का मार्जिन मिलता था, अब इसे बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। यानी कोटेदारों को प्रति कुंतल 35 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ई-पॉस मशीन के जरिए कोटेदारों से मिलने वाले फीडबैक की निगरानी व्यवस्था का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राशन वितरण व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल से पारदर्शिता बढ़ी है और अब लाभार्थियों की प्रतिक्रिया भी सीधे सिस्टम के जरिए सामने आएगी।
‘कोटेदार’ शब्द सुनते ही पहले लोगों में चिढ़ होती थी
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कोटेदारों के पुराने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब ‘कोटेदार’ शब्द सुनते ही लोगों के मन में गलत धारणा बनने लगती थी। उन्होंने कहा कि राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप अक्सर कोटेदारों पर आता था, जबकि कई मामलों में असली खेल कहीं और होता था। सीएम योगी ने कहा, “लूट उनकी होती थी और गाली आप खाते थे।”
उन्होंने कहा कि अब व्यवस्था में काफी बदलाव आया है और तकनीक के जरिए राशन वितरण को ज्यादा पारदर्शी बनाया गया है। उनके मुताबिक, ई-पॉस मशीनों के इस्तेमाल से राशन वितरण की प्रक्रिया में काफी सुधार हुआ है। अब किस लाभार्थी को कितना राशन मिला, इसकी जानकारी डिजिटल तरीके से दर्ज होती है। इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए कोटेदारों के फीडबैक की भी निगरानी की जाएगी।
90 से बढ़कर 125 रुपये हुआ कमीशन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर प्रदेश के 78 हजार से ज्यादा उचित दर विक्रेताओं के लिए बढ़े हुए लाभांश की शुरुआत की। अब कोटेदारों को प्रति कुंतल 125 रुपये का मार्जिन मिलेगा, जबकि पहले यह 90 रुपये था। इस बढ़ोतरी में 10 रुपये केंद्र सरकार और 25 रुपये राज्य सरकार की ओर से बढ़ाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 35 रुपये की यह बढ़ोतरी कोटेदारों के लिए एक बड़ी छलांग है।
सीएम योगी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार कोटेदारों के मार्जिन में 25 रुपये की और बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेज चुकी है। उन्होंने कहा कि इसमें थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन अगर यह प्रस्ताव मंजूर हुआ तो कोटेदारों की आय और व्यवस्था दोनों के लिए यह एक और बड़ा कदम होगा।
‘जिस काम में सम्मान न मिले, वह काम मत करिए’
मुख्यमंत्री ने कोटेदारों को सिर्फ कमाई नहीं, बल्कि सम्मान के साथ काम करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि ऐसा काम करना चाहिए जिसमें समाज में सम्मान मिले। जिस काम में सम्मान न हो, उसे लंबे समय तक करने से व्यक्ति के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों पर भी उसका असर पड़ता है। योगी ने कहा कि अब राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आने के बाद कोटेदारों पर पहले की तरह सवाल उठाने की गुंजाइश कम हुई है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने वालों के सम्मान में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
2017 से पहले की व्यवस्था पर भी साधा निशाना
सीएम योगी ने अपने भाषण में 2017 से पहले की राशन व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय गरीबों के राशन कार्ड तक प्रभावशाली लोगों के घरों में रखे जाते थे, जिसके कारण जरूरतमंदों को उनका हक नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति अब नहीं है। सरकार का दावा है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश के करीब 15 करोड़ लोगों को लगातार मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश सिर्फ राशन की दुकान तक खाद्यान्न पहुंचाने की नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाने की है।
दिव्यांग और निराश्रितों के घर तक पहुंच रहा राशन
सरकार की ओर से निराश्रित और दिव्यांग लाभार्थियों के लिए घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को राहत देना है, जिनके लिए राशन की दुकान तक पहुंचना मुश्किल होता है। योगी सरकार का कहना है कि तकनीक और डिजिटल सिस्टम के इस्तेमाल से राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिली है। ई-पॉस मशीनों से वितरण का रिकॉर्ड तैयार होने के कारण पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा ट्रैक की जा सकती है।
दो करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन का दावा
मुख्यमंत्री ने सरकार की अन्य योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब दो करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा करीब 1.53 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने की बात भी उन्होंने कही। सरकार का फोकस गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी रोजमर्रा की जरूरतों का बोझ कम करने पर है।
10 हजार राशन की दुकानें बनीं ‘अन्नपूर्णा भवन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में राशन की करीब 10 हजार दुकानों को ‘अन्नपूर्णा भवन’ के रूप में विकसित किया गया है। सरकार इन दुकानों को सिर्फ राशन वितरण केंद्र के तौर पर नहीं, बल्कि ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर सुविधाओं के बेहतर केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। कुल मिलाकर, कोटेदारों के लाभांश में बढ़ोतरी और ई-पॉस के जरिए फीडबैक की निगरानी को सरकार राशन वितरण व्यवस्था में एक और सुधार के तौर पर देख रही है।
मुख्यमंत्री ने कोटेदारों से अपील की कि वे व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करें। उनका कहना है कि जब गरीब को उसका पूरा हक समय पर मिलता है, तो उसका सीधा असर समाज के भरोसे और व्यवस्था की साख पर पड़ता है।


