नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC-NET परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। एजेंसी ने तीन विषयों-अंग्रेजी, समाजशास्त्र और कॉमर्स, की दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया है। इन विषयों की परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवारों की ओर से पेपर को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आई थीं।
अभ्यर्थियों ने सवालों में तथ्यात्मक गलतियों, टाइपिंग की गलतियों, अनुवाद से जुड़ी समस्याओं और कुछ प्रश्नों के दोहराए जाने की शिकायत की थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए NTA ने संबंधित विषयों के पेपर की समीक्षा की और अब इन तीनों विषयों के लिए री-टेस्ट कराने का निर्णय लिया है।
क्यों लिया गया दोबारा परीक्षा कराने का फैसला?
UGC-NET की परीक्षा देने वाले कई उम्मीदवारों ने परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र को लेकर आपत्ति जताई थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि कुछ सवालों में तथ्य सही नहीं थे, जबकि कुछ प्रश्नों में टाइपिंग और भाषा से जुड़ी गलतियां थीं। इसके अलावा हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्नों के बीच अनुवाद को लेकर भी समस्याएं बताई गईं। कुछ उम्मीदवारों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र में कुछ सवाल दोहराए गए थे। इन शिकायतों के बाद परीक्षा से जुड़ी पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे थे। NTA ने उम्मीदवारों की शिकायतों और उपलब्ध जानकारी की समीक्षा के बाद तीन विषयों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है।
किन विषयों की होगी री-टेस्ट?
NTA के मुताबिक, दोबारा परीक्षा UGC-NET English, Sociology और Commerce विषयों के लिए आयोजित की जाएगी। यानी इन विषयों की परीक्षा में शामिल हुए संबंधित अभ्यर्थियों को एक बार फिर परीक्षा देनी होगी। हालांकि, उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे री-टेस्ट से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए NTA की वेबसाइट और अपने आवेदन से संबंधित अपडेट लगातार चेक करते रहें।
उम्मीदवारों को क्या करना होगा?
री-टेस्ट में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा के नए शेड्यूल का इंतजार करना होगा। NTA की ओर से परीक्षा की तारीख, परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को यह भी ध्यान रखना होगा कि नई परीक्षा के लिए उन्हें पहले से जारी निर्देशों का पालन करना होगा। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले एडमिट कार्ड और जरूरी पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा।
पुराने पेपर का क्या होगा?
री-टेस्ट का फैसला उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें प्रश्नपत्र की गुणवत्ता को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। ऐसे में संबंधित विषयों के लिए दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा को ही आगे की प्रक्रिया में ध्यान में रखा जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे पुराने पेपर को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और NTA की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस को ही अंतिम मानें।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह
UGC-NET की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह अपडेट काफी महत्वपूर्ण है। जिन तीन विषयों के लिए री-टेस्ट घोषित किया गया है, उनके अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए और नई तारीख का इंतजार करना चाहिए। साथ ही, उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अनऑफिशियल तारीखों या परीक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से बचना चाहिए। परीक्षा की तारीख और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट केवल NTA के आधिकारिक माध्यमों से ही चेक करने चाहिए।
NTA का फैसला क्यों अहम है?
UGC-NET देशभर में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षा है। ऐसे में प्रश्नपत्र में किसी भी तरह की गलती सीधे उम्मीदवारों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। तीन विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला इस बात को दिखाता है कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई शिकायतों को लेकर एजेंसी ने कार्रवाई की है। अब उम्मीदवारों की नजर री-टेस्ट की तारीख और आगे की प्रक्रिया पर है।


