उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेशभर में स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच के दौरान 6,066 वाहन अनफिट पाए गए हैं। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,072 वाहनों के चालान किए हैं, जबकि 356 वाहनों को सीज किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाए जा रहे स्कूल वाहन सुरक्षा अभियान के तहत की जा रही है।
प्रदेश में 19,680 स्कूल, 82,259 वाहन
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 19,680 स्कूलों से जुड़े 82,259 स्कूली वाहन हैं। इनमें 74,337 वाहन स्कूलों के नाम पर पंजीकृत हैं, जबकि 8,022 वाहन अनुबंध के आधार पर संचालित हो रहे हैं। विभाग इन वाहनों की फिटनेस, दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की लगातार जांच कर रहा है।
अनफिट वाहनों के मालिकों को नोटिस
जांच अभियान के दौरान अनफिट पाए गए 6,066 वाहनों के मालिकों को परिवहन विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक फिटनेस और जरूरी मानकों को पूरा किए बिना ऐसे वाहनों का संचालन सुरक्षित नहीं माना जाएगा।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर के अनुसार अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर चालान और सीज करने की कार्रवाई भी की गई है।
1,072 वाहनों के चालान, 356 सीज
परिवहन विभाग की कार्रवाई में अब तक 1,072 स्कूली वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। वहीं गंभीर नियम उल्लंघन के मामलों में 356 वाहनों को सीज किया गया है। विभाग का कहना है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में नियमों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
27,066 ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन
स्कूल वाहन चालकों की भूमिका को देखते हुए विभाग ने ड्राइवरों के पुलिस चरित्र सत्यापन पर भी जोर दिया है। अब तक 27,066 स्कूली वाहन चालकों का पुलिस चरित्र सत्यापन पूरा किया जा चुका है।
इसके साथ ही स्कूलों को बस और वैन चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
UP Board से लेकर CBSE और ICSE तक स्कूलों पर लागू
परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board), CBSE, ICSE, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड और अन्य बोर्डों से संबद्ध स्कूलों को भी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों के साथ-साथ उनके चालकों की भी आवश्यक जांच पूरी हो।
बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
स्कूली वाहनों में फिटनेस की कमी और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने पूरे प्रदेश में जांच और प्रवर्तन अभियान तेज किया है। विभाग का लक्ष्य है कि स्कूल बस, वैन और अन्य स्कूली वाहनों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।
इस कार्रवाई से स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों और अभिभावकों के बीच भी सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
*- कुल स्कूल: 19,680
– कुल स्कूली वाहन: 82,259
– स्कूल के नाम पंजीकृत वाहन: 74,337
– अनुबंध पर संचालित वाहन: 8,022
– अनफिट मिले वाहन: 6,066
– चालान: 1,072
– सीज वाहन: 356
– पुलिस वेरिफाइड ड्राइवर: 27,066*
विशेष संवाददाता: रूद्र प्रताप सिंह
लखनऊ |


