उत्तर प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में भारत-जापान साझेदारी महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रही है। जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर का 200 से अधिक सदस्यों वाला प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के दौरे पर है। इस दौरान आगरा, लखनऊ और वाराणसी में पर्यटन, संस्कृति, निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
ताजमहल से शुरू हुआ पर्यटन कनेक्शन
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने आगरा में विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का भ्रमण किया। यूपी सरकार की कोशिश है कि जापानी मेहमानों को प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत के साथ यहां मौजूद पर्यटन और निवेश की संभावनाओं से भी परिचित कराया जाए।
लखनऊ में होगा महत्वपूर्ण कार्यक्रम
प्रतिनिधिमंडल के दौरे का महत्वपूर्ण पड़ाव लखनऊ है। यहां पर्यटन एवं संस्कृति से जुड़े अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ संवाद होगा। इस दौरान बौद्ध पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
बौद्ध सर्किट पर विशेष फोकस
उत्तर प्रदेश में सारनाथ और कुशीनगर जैसे महत्वपूर्ण बौद्ध स्थल जापान के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। प्रदेश सरकार जापान के साथ पर्यटन सहयोग को बढ़ाते हुए बौद्ध सर्किट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
वाराणसी और सारनाथ भी कार्यक्रम में शामिल
प्रतिनिधिमंडल वाराणसी और सारनाथ का भी दौरा करेगा। यहां गंगा घाट, गंगा आरती और सारनाथ की बौद्ध विरासत से जापानी मेहमानों को परिचित कराया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन के साथ निवेश पर भी नजर
जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे में पर्यटन के अलावा निवेश, तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, कौशल विकास और रोजगार जैसे क्षेत्रों पर भी संभावनाएं तलाशने पर जोर है। राज्य सरकार की कोशिश है कि जापान के साथ बढ़ते संबंधों को पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में परिवर्तित किया जाए।
उत्तर प्रदेश की ब्रांडिंग का बड़ा अवसर
आगरा, लखनऊ, वाराणसी और सारनाथ का यह दौरा उत्तर प्रदेश की विविध सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। ताजमहल से लेकर बौद्ध स्थलों और गंगा आरती तक, प्रदेश की अलग-अलग पर्यटन खूबियों को जापानी पर्यटकों के सामने रखने की तैयारी है।
भारत-जापान संबंधों में उत्तर प्रदेश की भूमिका अब पर्यटन, संस्कृति, निवेश और तकनीकी सहयोग तक विस्तार ले रही है। जापानी प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए नए अंतरराष्ट्रीय अवसरों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
विशेष संवाददाता: रूद्र प्रताप सिंह
लखनऊ


