लखनऊ के सर्वोदय विद्यालय में छात्राओं के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी सर्वोदय विद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई है। 20 अगस्त को समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम ने विद्यालयों के संचालन में व्यापक बदलाव के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट नियमावली के साथ प्रभावी प्रबंधन व्यवस्था बनाने और छात्र-छात्राओं की समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा। हाल में कई जिलों में स्कूली जेन-जी के इन प्रदर्शनों ने सरकार को इस तरफ सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया है|
खाली पद भरे जायेंगे
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षकों के करीब 515 पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी को विद्यालयों में बढ़ते असंतोष की बड़ी वजह माना जा रहा है। 2017 से पहले प्रदेश में 93 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित थे। वर्ष 2025-26 में इनकी संख्या बढ़कर 103 हो गई और इनमें करीब 35 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे थे। छह नए विद्यालयों के संचालन के बाद 2026-27 में संख्या 109 होने की बात कही गई है। ऐसे में शिक्षकों की उपलब्धता नहीं बढ़ी तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
200 छात्राओं ने किया था प्रदर्शन
17 अगस्त को करीब 200 छात्राओं ने लखनऊ के सर्वोदय विद्यालय में शिक्षकों की कमी, स्कूली अव्यवस्थाओं और खराब भोजन को बारिश के बीच लेकर सड़क जाम करते हुए प्रदर्शन किया था। छात्र और छात्राओं के कैम्पस में विद्यार्थियों ने भोजन समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं की शिकायतें भी उठाई हैं। जिसके बाद ये मामला तूल पकड़ा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा|
न्यायिक प्रक्रिया के साथ प्रशासनिक देरी भी वजह
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के मुताबिक, शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पिछले साल गेस्ट टीचर्स का चयन किया गया था, लेकिन उन्हें बनाए रखने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में मामला लंबित हो गया। 18 अगस्त 2026 को सुनवाई में विभाग ने अपना पक्ष रखा है और आदेश के बाद अतिथि शिक्षकों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग के मंत्री ने असीम अरुण ने माना कि करीब डेढ़ महीने तक शिक्षकों की अनुपलब्धता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। यानी सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर हुई देरी को भी समस्या की वजह माना है।


