नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 अगस्त को प्रस्तावित बताए जा रहे ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के बीच दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को स्थिति साफ कर दी है। पुलिस ने कहा है कि जंतर-मंतर पर आरक्षण में सुधार या इससे जुड़े किसी भी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन, जुलूस, सभा या धरने की कोई अनुमति नहीं दी गई है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से कुछ वीडियो और संदेश तेजी से प्रसारित हो रहे थे। इन पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि दिल्ली पुलिस ने 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के तहत प्रदर्शन की अनुमति दे दी है। इन दावों के सामने आने के बाद पुलिस ने आधिकारिक तौर पर सफाई जारी की और वायरल जानकारी को झूठा और भ्रामक बताया।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए कहा कि जंतर-मंतर पर 21 अगस्त को किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस, धरना या सभा के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही ऐसी सूचनाओं पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करने की अपील की है।
पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि नई दिल्ली जिले में पहले से ही निषेधात्मक आदेश लागू हैं। इन आदेशों के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन या सभा करने पर रोक है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया भ्रम
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के नाम से वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट में 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश तेजी से शेयर होने के बाद लोगों के बीच यह भ्रम पैदा हुआ कि पुलिस ने प्रदर्शन के लिए आधिकारिक अनुमति दे दी है। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को खारिज करते हुए साफ किया कि इस तरह के किसी कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस के बयान के बाद यह भी स्पष्ट हो गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अनुमति से संबंधित जानकारी आधिकारिक नहीं है।
पांच या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक
दिल्ली पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली जिले में लागू निषेधात्मक आदेशों के तहत पांच या उससे अधिक लोगों की सभा, प्रदर्शन, जुलूस और मार्च पर रोक है। ऐसे में किसी भी संगठन या समूह की ओर से बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर भीड़ जुटाना नियमों के दायरे में आएगा।
पुलिस की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब आरक्षण व्यवस्था में बदलाव को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी कार्यक्रम की अनुमति को लेकर आधिकारिक जानकारी के लिए पुलिस के अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा किया जाए।
लोगों से अफवाहों से बचने की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो, पोस्ट या मैसेज को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें। पुलिस का कहना है कि गलत या भ्रामक जानकारी से अनावश्यक भ्रम और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है। 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के नाम से किसी प्रदर्शन की दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति नहीं है। पुलिस की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया पर चल रहे अनुमति संबंधी दावों पर भी स्थिति स्पष्ट हो गई है।
प्रशासन की नजर सोशल मीडिया गतिविधियों पर
जंतर-मंतर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए प्रमुख स्थानों में से एक है, जहां समय-समय पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर प्रदर्शन होते रहे हैं। ऐसे में किसी प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने पर प्रशासन की नजर भी उस पर रहती है।
दिल्ली पुलिस के ताजा बयान का मुख्य संदेश यही है कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण से जुड़े किसी प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है और वायरल हो रहे अनुमति संबंधी दावे गलत व भ्रामक हैं। लोगों से आधिकारिक जानकारी की पुष्टि किए बिना ऐसे संदेशों पर विश्वास न करने को कहा गया है।


