लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिर से बड़ी समस्या आ गई है। यह एक्सप्रेसवे अभी तक नया है, लेकिन इसके बावजूद लगातार दरारें और धंसाव आ रहे हैं। गुरुवार को एक्सप्रेसवे के करीब 700 मीटर लंबे हिस्से में दरारें और व्हील ट्रैक दिखाई दिए। इसके बाद दो लेन बंद कर दी गईं और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया।
यह पहली बार नहीं है जब एक्सप्रेसवे पर खामियां सामने आई हैं। 16 दिन पहले भी इसके कुछ हिस्से में 200 मीटर तक सड़क धंस गई थी। उस समय भी गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। अब उसी इलाके में दरारें फिर से आ गई हैं, जिसके कारण यात्रियों के लिए सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है।
रात में दरारें दिखाई दी थीं, जिसके बाद सुबह से मरम्मत का काम शुरू हो गया। बुधवार रात किलोमीटर संख्या 61.4 से 63 के बीच सड़क पर कई जगह दरारें दिखाई दीं। एक हिस्से में करीब तीन मीटर तक व्हील ट्रैक भी बन गए। निर्माण एजेंसी पीएनसी ने रात में ही मरम्मत शुरू कर दी।
सबसे पहले करीब 100 मीटर हिस्से में काम किया गया। इसके बाद दिन के शुरू में बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। दो लेन बंद कर दी गईं और सड़क की ऊपरी परत हटाई जा रही है। इसके बाद नए सिरे से डामर बिछाया जा रहा है।
इस कारण वाहन चालकों को बहुत परेशानी हो रही है। फिलहाल एक लेन से यातायात निकाला जा रहा है और करीब डेढ़ किलोमीटर के डायवर्जन के जरिए वाहन गुजर रहे हैं। यह एक्सप्रेसवे अभी तक नया है, लेकिन इसके बावजूद लगातार दरारें और धंसाव आ रहे हैं। जिस रास्ते से तेजी से वाहन गुजरते हैं, वहां सड़क की मजबूती और सुरक्षा बहुत जरूरी है।
बारिश के मौसम में सड़क की हालत और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। लगातार बरसात के बीच सड़क के नीचे पानी जा सकता है, जिससे मिट्टी बैठ सकती है या निर्माण में कमी रह सकती है। इसकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।
सड़क की ऊपरी परत हटाकर नई सड़क बनाई जा रही है। पीएनसी की टीम खराब डामर और गिट्टी को हटा रही है और उसके बाद नई परत बिछा रही है। अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के सामने अब चुनौती यह है कि नई मरम्मत के बाद दोबारा समस्या न आए। पहले भी पैचवर्क के बाद धंसाव हो चुका है।
यातायात पर असर हुआ है। दो लेन बंद होने के कारण एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित हुआ है। वाहन एक लेन से निकाल रहे हैं और डेढ़ किलोमीटर के हिस्से में डायवर्जन बनाया गया है। ऐसे में वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ रहा है और जाम होने की आशंका बनी हुई है।
यात्रियों के लिए चिंता यह है कि एक्सप्रेसवे अभी तक नया है, लेकिन इसके बावजूद दरारें और धंसाव आ रहे हैं। जिस रास्ते से तेजी से वाहन गुजरते हैं, वहां सड़क की मजबूती और सुरक्षा बहुत जरूरी है। लगातार सामने आ रही खामियां सवाल उठा रही हैं। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के बारे में लोगों की उम्मीद थी कि यह एक बेहतर और तेज रास्ता होगा। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद धंसाव और दरारें सामने आ रही हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं।
फिलहाल पीएनसी ने मरम्मत का काम कराया जा रहा है। लेकिन बार-बार समस्याओं के बीच यह देखना जरूरी है कि सड़क की क्षति की वास्तविक वजह क्या है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
एक्सप्रेसवे जिसे लोगों के लिए सुविधा का रास्ता माना जाता था, अब बार-बार मरम्मत और डायवर्जन की वजह से सुर्खियों में रह रहा है, जिसके कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है और पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


