कानपुर: यूपी के कानपुर में ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना सुल्तान मिर्जा दुबई में बैठकर नेटवर्क संचालित कर रहा था।
लैपटॉप, मोबाइल फोन, POS मशीनें, ATM और 89 क्रेडिट कार्ड बरामद
पुलिस को अब तक की जांच में देश-विदेश में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की आशंका है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी संख्या में लैपटॉप, मोबाइल फोन, POS मशीनें, ATM और 89 क्रेडिट कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, रजिस्टर, आधार कार्ड की कॉपी, इंक पैड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, फजलगंज थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कपिल देव उर्फ शर्टी, अमय प्रताप और रोहित सिंह उर्फ रुद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गरीब और सीधे-सादे लोगों को बहला-फुसलाकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो हासिल करते थे। इसके बाद उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर खाते और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी गिरोह के सदस्यों को उपलब्ध कराई जाती थी।
फर्जी सिम के जरिए ठगी को देते थे अंजाम
आरोप है कि इन बैंक खातों के माध्यम से ऑनलाइन साइबर फ्रॉड की रकम का लेन-देन किया जाता था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग तरीकों से खातों और सिम कार्डों का इस्तेमाल कर फर्जी गतिविधियों को अंजाम देते थे।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह फर्जी फर्म बनाकर बैंक खाते खुलवाने में भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना सुल्तान मिर्जा दुबई में रहकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा है। उसके साथ कानपुर, उन्नाव और अन्य स्थानों पर अलग-अलग लोगों द्वारा नेटवर्क का संचालन किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस सुल्तान मिर्जा, जावेद, केपी, अमित समेत अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की तलाश और गिरोह के बैंक खातों तथा लेन-देन की गहन जांच जारी है।
रिपोर्ट: राहुल वाजपेयी


