जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रा नीशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है। पुलिस को उसके बुलंदशहर में मौजूद होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम ने उसे पकड़ने के लिए विशेष प्लान तैयार किया।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम सादे कपड़ों में बुलंदशहर पहुंची थी। टीम ने काफी सावधानी के साथ आरोपी की लोकेशन की पुष्टि की और इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया। स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद जंतर-मंतर पर हुई घटना को लेकर चल रही जांच में पुलिस की कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।
हेलमेट पहनकर बाइक से भागने की भी आई थी खबर
इससे पहले ऐसी जानकारी सामने आई थी कि जंतर-मंतर पर हुई घटना के बाद स्वतंत्र भारद्वाज मौके से निकल गया था। बताया जा रहा था कि वह हेलमेट पहनकर बाइक से वहां से फरार हुआ। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस को अलग-अलग इनपुट के आधार पर उसके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटानी पड़ी।
बुलंदशहर में उसके होने की सूचना मिलने के बाद टीम ने वहां पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस की कोशिश थी कि आरोपी को भनक न लगे और वह दोबारा अपना ठिकाना न बदल सके। इसी वजह से टीम सादे कपड़ों में पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया। अब पुलिस उससे पूरे मामले को लेकर पूछताछ करेगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि जंतर-मंतर पर उस दिन वास्तव में क्या हुआ था और मारपीट की घटना किन परिस्थितियों में हुई।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर दिनभर रही हलचल
नीशु आजाद के पिता के साथ मारपीट के मामले को लेकर शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर भी काफी गहमागहमी देखने को मिली। मामले से जुड़े लोगों ने पुलिस से मुलाकात की और घटना को लेकर अपनी बात रखी। इस दौरान छात्रा नीशु आजाद, उनके पिता संजय आजाद, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और वकील ऋषभ रंजन ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने पुलिस के साथ हुई बातचीत और मामले में अब तक हुई कार्रवाई के बारे में जानकारी साझा की। मामले में पुलिस पर कार्रवाई को लेकर दबाव भी बनाया जा रहा था। अब आरोपी के बुलंदशहर से पकड़े जाने के बाद पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है।
नीशु आजाद बोलीं- कई दिनों से मिल रही थीं गालियां और रेप की धमकियां
नीशु आजाद ने बातचीत के दौरान दावा किया कि पिछले कई दिनों से उन्हें लगातार गालियां दी जा रही थीं और रेप की धमकियां मिल रही थीं। उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने पहले ही एफआईआर दर्ज कराई थी। नीशु ने कहा कि लगातार मिल रही धमकियों का उनकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ा। उनका
आरोप है कि कुछ लोगों की तरफ से उनके अश्लील स्टिकर भी बनाए गए, जिसके चलते वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा था, उसकी वजह से घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था। उन्हें डर और शर्म दोनों महसूस होती थी। हालात इतने खराब हो गए कि उन्होंने करीब दो से तीन हफ्ते तक कॉलेज जाना भी छोड़ दिया।
‘कॉलेज जाती हूं तो लगता है सब मुझे जज कर रहे हैं’
नीशु ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि धमकियों और आपत्तिजनक हरकतों का असर सिर्फ उनके घर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी पढ़ाई और सामान्य जिंदगी भी प्रभावित हुई। उनके मुताबिक, कई दिनों तक कॉलेज नहीं जाने के बाद जब उन्होंने दोबारा कॉलेज जाना शुरू किया तो वहां भी उन्हें असहज महसूस होने लगा। उन्हें लगता था कि लोग उन्हें देख रहे हैं और उनके बारे में बातें कर रहे हैं। नीशु ने कहा कि ऐसी स्थिति में सामान्य जिंदगी जीना काफी मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि पुलिस धमकियां देने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करे, ताकि उन्हें लगातार डर के माहौल में न रहना पड़े।
पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद
नीशु आजाद का कहना है कि पहले उन्हें ऐसा लग रहा था कि उनकी शिकायतों पर पुलिस की तरफ से पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। हालांकि, अब उन्हें पुलिस की ओर से कार्रवाई होती दिखाई दे रही है और उन्हें उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शिकायत और धमकियों के मामले में पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद है। उनका कहना है कि अगर दोषी लोगों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होती है तो इससे उन्हें सुरक्षा का भरोसा मिलेगा और वह अपनी पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी पर ध्यान दे पाएंगी।
मारपीट के बाद बढ़ा था विवाद
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान संजय आजाद के साथ हुई कथित मारपीट के बाद यह मामला चर्चा में आया था। घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से दावे किए गए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद मामले में आरोपी की तलाश शुरू हुई। स्वतंत्र भारद्वाज के मौके से निकल जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस उसकी लोकेशन तलाश रही थी। अब बुलंदशहर से उसे हिरासत में लिए जाने के बाद जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग वहां मौजूद थे, विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट में किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही नीशु आजाद की ओर से लगाए गए धमकी और आपत्तिजनक सामग्री से जुड़े आरोपों की भी जांच का दायरा बढ़ सकता है। स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। पुलिस पूछताछ और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जंतर-मंतर की घटना में उसकी भूमिका क्या थी और मामले में आगे किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है।


