नोएडा: दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा (Noida) में स्लीपर बस में हुए अग्निकांड में महोबा के बीजेपी जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और इंडिगो एयरवेज में इंजीनियर पुत्र शशांक गुप्ता की भी दुखद मौत हो गई। पैर के दर्द से जूझ रही मां को बचाने के प्रयास में बेटे ने भी अपनी जान दे दी। डीएनए जांच और परिजनों द्वारा हुलिया देखकर शवों की पहचान की गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे महोबा और पार्टी परिवार में गहरा है।
डीएनए से पत्नी और बेटे की पहचान
दरअसल दिल्ली से महोबा आ रही राज-कल्पना ट्रेवल्स की बस में बुधवार रात लगी आग ने कई जिंदगियों को लील लिया। इस भीषण हादसे में महोबा जिले के चरखारी निवासी और बीजेपी के जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे में उनकी 50 साल की पत्नी सुनीता गुप्ता और 32 साल के इंजीनियर बेटे शशांक गुप्ता की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
शशांक गुप्ता गुरुग्राम में इंडिगो एयरवेज में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे। उनकी मां सुनीता गुप्ता घुटनों की बीमारी के कारण पिछले एक महीने से बेटे के पास ही रहकर इलाज करा रही थीं। इस बीच नीरज गुप्ता के भाई धीरू गुप्ता को हार्ट अटैक आने के कारण शशांक अपनी मां को लेकर राज कल्पना बस की पिछली सीट पर बैठकर घर लौट रहे थे। लेकिन रास्ते में बस में अचानक आग लग गई।
मां को बचाने में बेटे की भी गई जान
परिजनों के मुताबिक, बस में आग और धुआं फैलते ही भगदड़ मच गई। शशांक चाहते तो बस का शीशा तोड़कर आसानी से बाहर निकल सकते थे, लेकिन पैर के दर्द के कारण चलने में असमर्थ मां को उन्होंने अकेले छोड़ने से इंकार कर दिया। खुद मां के बार-बार बाहर निकल जाने की गुहार लगाने के बावजूद शशांक अपनी मां को बचाने का प्रयास करते रहे। इस दौरान धुआं अत्यधिक होने के कारण दोनों बेहोश हो गए और आग की लपटों की चपेट में आ गए।
लापरवाही से हुआ हादसा ?
वहीं परिजनों का आरोप है कि घटना चालक और परिचालक की घोर लापरवाही का परिणाम है। यात्रियों द्वारा जलने की बदबू की शिकायत करने के बावजूद बस को समय पर नहीं रोका गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। शव पूरी तरह जल जाने के कारण डीएनए टेस्ट और हुलिया देखकर परिजनों ने पहचान की। इस दुखद घटना की खबर मिलते ही महोबा और चरखारी में मातम पसर गया।
रिपोर्ट: रमाकांत मिश्रा


