बिजनौर के बनखला मस्जिद परिसर में शुक्रवार को खोदाई किए जाने के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई। परिसर में एक स्लैब मिलने के बाद उसके नीचे कुआं होने की संभावना जताई गई थी। इसी आशंका को लेकर करीब तीन फीट तक जमीन की खोदाई की गई। मस्जिद कमेटी का कहना है कि खुदाई के दौरान ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जिससे वहां कुएं की मौजूदगी की पुष्टि हो सके। मस्जिद परिसर में हुई इस खोदाई को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से चर्चा चल रही थी। बताया जा रहा है कि बुलडोजर कार्रवाई की आशंका के बीच मस्जिद कमेटी ने खुद ही परिसर में कुछ हिस्से को तोड़ने का फैसला लिया था। इसके बाद वहां जमीन के नीचे किसी पुराने निर्माण या कुएं की मौजूदगी को लेकर सवाल उठने लगे।
मस्जिद परिसर में जमीन के नीचे एक स्लैब दिखाई देने के बाद उसके बारे में जानकारी जुटाने के लिए खोदाई की गई। संभावना जताई गई कि स्लैब के नीचे कोई पुराना कुआं या अन्य संरचना हो सकती है। इसी को देखते हुए जमीन को करीब तीन फीट तक खोदा गया। खोदाई के दौरान स्लैब के आसपास की मिट्टी हटाई गई और नीचे की स्थिति देखने का प्रयास किया गया। मस्जिद कमेटी के अनुसार तीन फीट तक खोदाई करने के बावजूद वहां कुएं जैसी कोई संरचना सामने नहीं आई। इसके बाद इस बात को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी कि स्लैब आखिर किस उद्देश्य से बनाया गया था।
बनखला मस्जिद को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चा बनी हुई है। बुलडोजर कार्रवाई की आशंका के बीच मस्जिद कमेटी ने पहले ही परिसर के कुछ हिस्से में खुद तोड़फोड़ की थी। कमेटी का कहना था कि संभावित कार्रवाई से पहले वह अपनी ओर से जरूरी कदम उठा रही है। इसी दौरान परिसर में जमीन के नीचे किसी पुराने निर्माण के होने की बात सामने आई। स्लैब दिखाई देने के बाद कुआं होने की संभावना जताई गई और इसे लेकर खोदाई कराई गई। हालांकि, खुदाई के बाद भी ऐसी कोई चीज नहीं मिली, जिससे इस दावे की पुष्टि हो सके।
खोदाई के दौरान करीब तीन फीट तक जमीन हटाई गई। इस दौरान वहां मौजूद मिट्टी और संरचना को देखा गया, लेकिन मस्जिद कमेटी के मुताबिक कुएं या किसी अन्य बड़ी भूमिगत संरचना का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला। कमेटी की ओर से यह भी कहा गया कि जिस जगह पर स्लैब मिला था, वहां खोदाई करने के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। फिलहाल नीचे किसी कुएं की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है।
मस्जिद परिसर में हुई इस खोदाई के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। स्लैब मिलने और उसके नीचे कुआं होने की संभावना जताए जाने के कारण लोगों की नजरें इस पूरे मामले पर बनी हुई हैं। अब तक की खोदाई में कुएं के होने का कोई स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। मस्जिद कमेटी के दावे के मुताबिक तीन फीट तक खोदाई के बाद भी कुछ खास नहीं मिला। ऐसे में स्लैब की वास्तविक स्थिति और उसके निर्माण का उद्देश्य क्या था, इसे लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। मामले में आगे की स्थिति संबंधित जांच और प्रशासनिक स्तर पर सामने आने वाली जानकारी पर निर्भर करेगी।
























