लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में प्रेस वार्ता कर SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। सीएम योगी ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर विपक्ष जिस तरह का रवैया अपना रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने से पहले राजनीतिक दलों को उसके संवैधानिक और लोकतांत्रिक पक्ष को समझना चाहिए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सवाल उठाए जाने को भी गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया।
सीएम योगी ने कहा कि भारत में चुनाव कराने की प्रक्रिया संवैधानिक संस्थाओं के जरिए संचालित होती है और इसमें पारदर्शिता का ध्यान रखा जाता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर लगातार सवाल खड़े करने से लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की चुनावी व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह का भ्रम फैलाना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल कई बार अपने राजनीतिक हितों के लिए ऐसे मुद्दे उठाते रहे हैं, जिनसे लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। सीएम योगी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले सभी राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
SIR को लेकर देश में राजनीतिक बहस लगातार जारी है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार और उसके समर्थक इसे मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और अपडेट करने की प्रक्रिया के तौर पर देख रहे हैं। लखनऊ में हुई प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने इसी मुद्दे पर विपक्ष को घेरा और कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच गलत धारणा बनाने के बजाय राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और प्रक्रिया को समझना चाहिए। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी राजनीतिक दलों की है।
























