बागेश्वर में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने सर्द तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पिंडारी घाटी समेत कपकोट के मल्ला दानपुर क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों पर हिमपात हुआ है। पहाड़ों पर बर्फ गिरने के बाद इसका असर अब निचले इलाकों में भी दिखाई देने लगा है और तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ गई है। बारिश और बर्फबारी के कारण सुबह और शाम के समय ठिठुरन महसूस की जा रही है। अचानक बढ़ी ठंड से लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। कई जगह लोग ठंड से बचने के लिए घरों में आग सेंकते नजर आ रहे हैं। सितंबर के महीने में मौसम के इस बदले मिजाज ने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है।
जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के साथ ही मौसम ठंडा होता चला गया और ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान इतना गिर गया कि वहां बर्फबारी शुरू हो गई। पिंडारी क्षेत्र और कपकोट के मल्ला दानपुर की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी के बाद चोटियां सफेद नजर आने लगी हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने का असर आसपास के गांवों के मौसम पर भी पड़ा है। पहले जहां लोग सितंबर की गर्मी और उमस से परेशान थे, वहीं अब उन्हें सुबह-शाम सर्दी का सामना करना पड़ रहा है।
ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी का असर निचले इलाकों तक पहुंच गया है। बारिश के कारण दिनभर मौसम ठंडा बना हुआ है, जबकि सुबह और शाम ठंड का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। लोगों ने गर्म कपड़े और ऊनी सामान निकालना शुरू कर दिया है। कई घरों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव या अंगीठी का सहारा ले रहे हैं। मौसम में अचानक आए इस बदलाव की वजह से स्थानीय लोगों को अपने रोजमर्रा के कामकाज में भी बदलाव करना पड़ रहा है। कपकोट क्षेत्र के हिमालयी गांवों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। ऊंचाई वाले गांवों में बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने परेशानी बढ़ा दी है। यहां सुबह के समय तापमान में ज्यादा गिरावट महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सितंबर में आमतौर पर मौसम में इतनी तेजी से ठंड का असर देखने को नहीं मिलता। इस बार बारिश के बाद अचानक तापमान गिरने से मौसम ने समय से पहले सर्दी का एहसास करा दिया है।
असोज यानी सितंबर का महीना खत्म होने की ओर है और ऐसे समय में पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी ने मौसम के बदलते मिजाज का संकेत दिया है। बारिश के बाद वातावरण में ठंडक बढ़ गई है और दिन के तापमान में भी पहले के मुकाबले गिरावट महसूस की जा रही है। लोग अब सुबह-शाम घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने के साथ ही स्थानीय बाजारों में भी ऊनी कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है। बारिश और हिमपात का सिलसिला मौसम को और ठंडा कर रहा है। बागेश्वर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बढ़ी ठंड ने सितंबर में ही सर्दी की आहट दे दी है। आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहता है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
























