शामली-गोरखपुर ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का सपना अब जमीन पर उतरता दिखाई देने लगा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 26 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियम-कायदों के तहत और पारदर्शी तरीके से की जा रही है, ताकि किसी भी किसान के साथ अन्याय न हो। अधिग्रहण की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से जरूरी अधिसूचना जारी होने के बाद राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हैं। गांव-गांव जाकर गाटा और खसरा संख्या का मिलान किया जा रहा है। यानी सरकारी अभिलेखों में दर्ज जमीन और मौके की वास्तविक स्थिति को आमने-सामने रखकर जांचा जा रहा है। इससे भविष्य में विवाद और गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी।
प्रभावित गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई गई है। प्रशासन का मकसद साफ है कि अधिग्रहण की खबर फैलने के बाद कोई भी व्यक्ति फर्जीवाड़ा या बेवजह की सौदेबाजी न कर सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी बहकावे में न आएं और अपने दस्तावेज दुरुस्त रखें। किसानों की सबसे बड़ी चिंता मुआवजे को लेकर है। इस पर अधिकारियों का कहना है कि तय नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा और किसी की भी आपत्ति या सुझाव को अनसुना नहीं किया जाएगा। जिन ग्रामीणों को कागजों में सुधार कराना है या कोई शिकायत दर्ज करानी है, वे संबंधित तहसील और अधिग्रहण अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
लगभग 700 किलोमीटर से ज्यादा लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे जोड़ेगा। यह कई जिलों से होकर गुजरेगा और गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे तथा कई प्रमुख राजमार्गों से संपर्क बनाएगा। जानकारों का मानना है कि इससे सफर का समय घटेगा, माल ढुलाई सस्ती होगी और आसपास के इलाकों में उद्योग, व्यापार व रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय लोगों में उत्साह के साथ थोड़ी बेचैनी भी है। कई किसान जहां विकास की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं कुछ अपनी उपजाऊ जमीन को लेकर फिक्रमंद हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हर शंका का समाधान किया जाएगा और प्रक्रिया की लगातार निगरानी होती रहेगी। फिलहाल अधिकारियों की कोशिश है कि सत्यापन और अधिग्रहण का काम तय समय में पूरा हो, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। एक्सप्रेसवे बनने के बाद इन गांवों की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।
























