उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण में एआई का प्रयोग करने जा रही है। उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरण के कार्यों को गति देने और पारदर्शिता लाने के लिए एआई आधारित कार्यप्रणाली को लागू करने जा रही है।
गोरखपुर तेजी से बदल रहा है और अब इस बदलाव में टेक्नोलॉजी की भूमिका भी बढ़ रही है। ‘नया गोरखपुर’ की प्लानिंग से लेकर GIS आधारित मास्टर प्लान तक, GDA को डिजिटल और हाईटेक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन, भुगतान, शिकायत निस्तारण और फाइल ट्रैकिंग जैसी सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी है। वहीं GIS, AI और डिजिटल मैपिंग के जरिए जमीन, संपत्तियों, अतिक्रमण और विकास कार्यों की निगरानी को भी आधुनिक बनाने की दिशा में काम हो रहा है। लेकिन सवाल है कि क्या Digital GDA आम नागरिक के लिए व्यवस्था को वास्तव में आसान, पारदर्शी और तेज बना पाएगा?
GDA में डिजिटल बदलाव की तैयारी सिर्फ ऑनलाइन सेवाओं तक सीमित नहीं है। प्रस्तावित Integrated ERP के जरिए आवेदन से लेकर भुगतान, शिकायत निस्तारण और फाइल की स्थिति तक पूरी प्रक्रिया को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं विस्तारित GDA क्षेत्र के GIS आधारित Master Plan 2031 से शहर के भविष्य की तस्वीर को डिजिटल मैप पर लाने की तैयारी है। AI, GIS, Satellite Imagery और Data Analytics जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से अवैध निर्माण, अतिक्रमण और Land Use में बदलाव की निगरानी को भी ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले वर्षों में GDA कितना डिजिटल होगा और इस डिजिटल व्यवस्था का सीधा फायदा आम नागरिक को कितनी आसानी से मिलेगा?
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