देहरादून। उत्तराखंड के कई महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। मंगलवार शाम तक अधिकांश कॉलेजों के नतीजे आ गए। इस बार अधिकांश कैंपस की कहानी अलग रही। कहीं एबीवीपी ने बाजी मारी, कहीं एनएसयूआई ने बढ़त बनाई और कई जगह निर्दलीय प्रत्याशी भारी पड़े। डीएवी पीजी कॉलेज में एबीवीपी के नवदीप राणा अध्यक्ष चुने गए। मतगणना के दौरान यहां माहौल तनावपूर्ण रहा। डीबीएस पीजी कॉलेज में एनएसयूआई के अभिनव कफलिया ने 643 वोट पाकर एबीवीपी के अभिषेक नेगी को हराया, जिन्हें 549 वोट मिले। डोईवाला में पहली बार मैदान में उतरे यूएसएफ के मोहित ममगाईं ने 48 वोटों से एनएसयूआई प्रत्याशी को मात दी। मसूरी के एमपीजी कॉलेज में एबीवीपी के वेदांत थापली 185 वोट लेकर अध्यक्ष बने।
नैनीताल के डीएसबी परिसर में निर्दलीय भानु प्रताप चौहान ने 1355 वोट लेकर एबीवीपी के शुभम कुमार को 482 वोटों से हराया। चंपावत कैंपस में निर्दलीय भानु तड़ागी को 754 वोट मिले, जबकि एबीवीपी के सागर मौनी 218 पर सिमट गए। गंगोलीहाट में हिमांशु जरमाल ने एबीवीपी से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। रामनगर में नीरज कंडारी और टिहरी के अगरोड़ा कॉलेज में अजीत कुमार भी निर्दलीय जीते। अगरोड़ा में जीत का अंतर सिर्फ दो वोट रहा। गोपेश्वर में एनएसयूआई के किशन सिंह को 1114 वोट मिले। कर्णप्रयाग में सुनील रावत 76 वोटों से जीते। नरेंद्र नगर में एनएसयूआई ने सभी पद जीते, वहीं घनसाली में अध्यक्ष समेत पूरा पैनल उसके नाम रहा। लंबगांव में उसके सभी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए।
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एबीवीपी ने जोशीमठ में नवल किशोर, देवप्रयाग में आर्यन दीप, लक्सर में सौरभ कुमार और लोहाघाट में हिमांशु कुमार के साथ अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। लोहाघाट में उसने 10 पद जीते। थत्यूड़ में आशीष नेगी सिर्फ एक वोट (165 बनाम 164) से अध्यक्ष बने। संगठन ने प्रदेशभर में 40 अध्यक्ष पदों पर जीत का दावा किया है। टिहरी पीजी कॉलेज में मतदान के बाद दो गुटों में झड़प की खबर भी आई। कुल मिलाकर नतीजों ने साफ कर दिया कि इस बार छात्र सिर्फ संगठन नहीं, उम्मीदवार का चेहरा भी देख रहे थे।
रिपोर्ट- सोनू सिंह
























