अमरोहा के रहरा क्षेत्र में आठ साल की अनुसूचित जाति की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी फरमान को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत ने एससी एक्ट और दुष्कर्म के मामले में अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। मामला 8 जून 2026 का है। रहरा थाना क्षेत्र के एक गांव में आठ वर्षीय बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला फरमान बच्ची को बहलाकर बुग्गी पर बैठा लिया और खेत में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया।घटना के बाद बच्ची ने घर पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी।
पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। घटना के कुछ घंटे बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने फरमान के घर के उस हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त कराया, जो ग्राम समाज की जमीन पर बना बताया गया था। पुलिस ने घटना के अगले दिन सुबह फरमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की विवेचना सीओ पंकज त्यागी ने की और गिरफ्तारी के 72 घंटे के भीतर 58 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई। 17 जून को अदालत में आरोप तय होने के बाद ट्रायल शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान पीड़िता समेत कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पीड़िता ने अदालत में आरोपी की पहचान करते हुए अपना बयान दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी के मुताबिक, अदालत ने फरमान को एससी एक्ट और दुष्कर्म के मामलों में अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसे पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।
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