नई दिल्ली: दुबई के आसमान में बुधवार को एक ऐसी घटना हुई है जिसने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल फ्लाई दुबई की एक फ्लाइट जो इजरायल की राजधानी तेल अवीव जा रही थी उसे एक पायलट ने जानबूझकर क्रैश करने की कोशिश की थी। हालांकि उसी विमान के भारतीय को-पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machchhar) ने अपनी दिलेरी और साहस के जरिए 174 लोगों की जान बचा ली। इस पूरे घटनाक्रम को अपनी आंखों से देखने वाले और घायल पायलट कैप्टन स्मित की मदद करने वाले इजरायली नागरिक यानिव ह्यून ने अब पूरे घटनाक्रम की जो कहानी बताई है वो आपको दंग कर देगा।
पायलट स्मित मच्छार ने एक और 9/11 होने से बचा लिया: पीएम मोदी
अब विमान के कॉकपिट में अदम्य साहते दिखाते हुए 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट की तारीफ खुद इजरायल के प्रधानमंत्री ने भी की है। इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया में एक और 9/11 (अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड टावर पर आतंकी हमला) होने से बचा लिया। अब आपको बताते है कि दरअसल फ्लाई दुबई की उस फ्लाइट में आखिर हुआ क्या था।
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में उस फ्लाइट में मौजूद रहे यानिव ह्यून ने बताया कि कॉकपिट में फ्लाई दुबई की फ्लाइट एक बड़े हादसे के बेहद करीब थी. कॉकपिट में मौजूद पायलट ने अपने को-पायलट कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर उन्हें घायल कर दिया और विमान का कंट्रोल लेने की पूरी कोशिश कर रहे थे। इस दौरान अचानक से विमान नीचे की तरफ गिरने लगा।
‘आज तुम नहीं मरोगे’
ह्यून ने बताया कि एक वक्त ऐसा आया जब लगा अब विमान क्रैश होने वाला है और कोई नहीं बचेगा लेकिन घायल होने के बाद भी कैप्टन स्मित ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। ह्यून उन्हें खून से लथपथ देखते ही कॉकपिट की तरफ दौड़े और उनसे कहा, ‘आज तुम नहीं मरोगे’।
इसके बाद ह्यून ने एक केबिन क्रू के साथ मिलकर हमला करने वाले विमान के मुख्य कैप्टन को पीछे से पकड़कर घसीट कर कॉकपिट से बाहर ले आए ताकि वो विमान में कोई खराबी पैदा ना कर सके। ह्यून ने बताया कि इस दौरान कॉकपिट के अंदर का मंजर बेहद डरावना था। कैप्टन स्मित मच्छार फर्श पर पड़े हुए थे और बुरी तरह घायल थे. इस दौरान भी ओमानी हमलावर पायलट प्लेन को कंट्रोल में लेने की कोशिश में लगा हुआ था। उसे सभी ने कॉकपिट से खींचकर बाहर निकाला।
‘स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा नहीं खोला होता तो सब मारे जाते’
ह्यून ने बताया कि विमान के अंदर बेहद तनाव था और लोगों को अपने जान की चिंता सता रही थी। इसी दौरान विमान में सवार दो ऑफ ड्यूटी पायलट भागकर कॉकपिट की तरफ गए और तुरंत विमान को अपने कंट्रोल में लिया। इसके बाद ह्यून वहीं कॉकपिट के पास दरवाजे के बाहर खड़े हो गए और यह सुनिश्चित किया कि हमलावर पायलट या फिर कोई और कॉकपिट के अंदर ना जा सके।
इंडिया टुडे से बातचीत में इजरायली नागरिक ह्यून ने कहा कि अगर भारतीय को-पायलट ने समय रहते कॉकपिट का दरवाजा नहीं खोला होता तो सबकी मौत निश्चित थी क्योंकि किसी को यह पता नहीं चलता कॉकपिट के अंदर आखिर चल क्या रहा है। हालांकि इसके बाद यात्री के तौर पर मौजूद दोनों पायलट ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत विमान को सऊदी अरब के तबुक एरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कर दिया जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। पायलट स्मित मच्छार का अस्पताल में इलाज चल रहा है जबकि हमलावर पायलट से सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ में जुटी हुई है।
रिपोर्ट: कुणाल कौशल



















