नई दिल्ली। हजारों फीट की ऊंचाई पर जब खुद की जान खतरे में हो, तब भी दूसरों की सलामती की फिक्र करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार ने ठीक यही कर दिखाया। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे बात की और उनके साहस की दिल खोलकर तारीफ की।
मामला दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई दुबई की उड़ान का है। बताया गया है कि विमान के सह-पायलट ने उसे गिराने की कोशिश की। इस दौरान कैप्टन मछार पर हमला हुआ और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे चालक दल और यात्रियों को स्थिति संभालने का मौका मिला। विमान को सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई गई और उसमें सवार करीब 180 लोगों की जान बच गई।
बातचीत में कैप्टन मछार ने प्रधानमंत्री को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि उस मुश्किल घड़ी में उन्हें हिम्मत कहां से मिली। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। हालांकि दोनों के बीच हुई बातचीत का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्मित ने गजब का धैर्य, सूझबूझ और साहस दिखाया। उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी को टाल दिया। उनके मुताबिक स्मित की बहादुरी पर हर देशवासी को गर्व है।
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इससे एक दिन पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री ने कैप्टन मछार के पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से भी बात की थी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि विदेश में मौजूद भारतीय मिशन लगातार संपर्क में हैं और हर जरूरी मदद दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी स्मित को सच्चा हीरो बताया था। उन्होंने लिखा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने दूसरों की जान बचाने का अटूट संकल्प दिखाया। फिलहाल कैप्टन मछार का इलाज संयुक्त अरब अमीरात के एक अस्पताल में चल रहा है। घटना के कारणों और सह-पायलट की मंशा की जांच जारी है। जांच का नतीजा जो भी हो, एक बात साफ है कि संकट की उस घड़ी में स्मित की हिम्मत ने सैकड़ों परिवारों को उजड़ने से बचा लिया। आज पूरा देश उनके स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है।
रिपोर्ट- सोनू सिंह
























