गोरखपुर। जिले में बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच जिलाधिकारी दीपक मीणा ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों तक मदद बिना देरी के पहुंचे और किसी भी परिवार को परेशानी न उठानी पड़े।
निरीक्षण के दौरान डीएम गांव-गांव पहुंचे और पानी से घिरे लोगों का हालचाल पूछा। उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी दिक्कतें सुनीं। किसी ने खाने-पीने की परेशानी बताई तो किसी ने आने-जाने की मुश्किल का जिक्र किया। डीएम ने धैर्य से सबकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। जिलाधिकारी ने कहा कि राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित गांवों में खाद्य सामग्री की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे। लोगों के सुरक्षित आने-जाने की व्यवस्था पर भी खास जोर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर ग्रामीण आसानी से सुरक्षित स्थानों तक पहुंच सकें। अन्य जरूरी सुविधाओं में भी कोई कमी न रहे, इसका ध्यान रखने को कहा गया।
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डीएम ने कहा कि राहत शिविरों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हालात पल-पल बदलते हैं, इसलिए जरूरत के हिसाब से तुरंत मदद पहुंचाई जाए। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि यह समय संवेदनशीलता के साथ काम करने का है। बाढ़ में फंसे लोग पहले ही कठिन दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह उनके दुख-दर्द को समझे और हरसंभव सहायता दे। उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल बनाकर काम करने को कहा। डीएम के सीधे संवाद से प्रभावित गांवों के लोगों में उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब अधिकारी खुद गांव आकर हाल जानते हैं, तो भरोसा मिलता है कि उनकी बात सुनी जा रही है। प्रशासन की ओर से आगे भी निरीक्षण और निगरानी का सिलसिला जारी रहेगा।






















