गोरखपुर: यूपी के गोरखपुर (Gorakhpur ) में SIR और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता उस वक्त हंगामे में बदल गई, जब पार्टी के नेताओं और विधानसभा से दावेदारी कर रहे लोगों के बीच विवाद हो गया।
आरोप है कि कहासुनी के बाद हाथापाई, गाली-गलौज और जानमाल की धमकी तक की नौबत आ गई। वहीं पूर्व जिला अध्यक्ष और ओबीसी नेता काली शंकर यदुवंशी ने पार्टी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्यसभा और शिक्षक एमएलसी सीटों को लेकर भी निशाना साधा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भिड़े सपा नेता
उन्होंने आरोप लगाया कि मुलायम सिंह यादव के दौर में कार्यकर्ताओं की पीड़ा सुनी जाती थी, जबकि आज कार्यकर्ताओं के शोषण की शिकायतें सामने आ रही हैं। सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित सपा की प्रेस वार्ता में इस घटना से अफरा-तफरी मच गई।
आरोप है कि अंशुमान सिंह, उनके बड़े बेटे कमलेश सिंह समेत अन्य लोगों ने पूर्व जिला अध्यक्ष और ग्रामीण विधानसभा से दावेदारी कर रहे एडवोकेट नगीना प्रसाद साहनी को जानमाल की धमकी दी। एससी-एसटी आयोग के पूर्व सदस्य संजय कुमार उर्फ पहलवान को भी अपशब्द कहने और धमकी देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
शंकर यदुवंशी ने पार्टी पर उठाए सवाल
इसी दौरान काली शंकर यदुवंशी ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्यसभा और शिक्षक एमएलसी जैसी सीटों पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है और पार्टी अब पूंजीपतियों की पार्टी बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव के समय कार्यकर्ताओं के दर्द को समझा जाता था, लेकिन आज कार्यकर्ताओं के शोषण की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में आने के बाद पार्टी की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो इससे भी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
रिपोर्ट: मुकेश कुमार



















