राजधानी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि मलबे के नीचे कुछ लोगों के दबे होने की सूचना है।
इमारत गिरने के तुरंत बाद घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया गया है। जानकारी के अनुसार, घायलों को राजीव गांधी अस्पताल ले जाया जा रहा है, जहां एंबुलेंस की मदद से उनका इलाज जारी है। हादसे में घायल हुए लोगों की संख्या और उनकी हालत को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कुछ देर तक धूल का गुबार छाया रहा, जिससे आसपास का नज़ारा साफ दिखाई नहीं दे रहा था। स्थानीय निवासी अपने स्तर पर भी मदद करने की कोशिश करते दिखे। कई लोग अपने परिचितों और रिश्तेदारों की खबर लेने के लिए बेचैन नजर आए। इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है।
यह भी पढ़ें- यूपी में 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के कप्तान बदले
मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऐसे हादसों में हर बीतता मिनट अहम होता है, इसलिए राहत और बचाव का काम तेज़ी से किया जा रहा है। पूर्वी दिल्ली का सीमापुरी इलाका संकरी गलियों वाला है, जहां मकान एक-दूसरे से सटे हुए हैं। ऐसे क्षेत्रों में राहत टीमों और एंबुलेंस को मौके तक पहुंचने में कई बार मुश्किलें आती हैं। यही कारण है कि हादसे की जगह पर भीड़ को काबू में रखना और रास्ता खाली रखना भी बचाव कार्य का अहम हिस्सा बन जाता है। यह घटना एक बार फिर इमारतों की मजबूती और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है। राजधानी के कई इलाकों में पुरानी और जर्जर इमारतों के साथ-साथ नियमों की अनदेखी कर बनाए गए भवनों को लेकर समय-समय पर चिंता जताई जाती रही है। फिलहाल सबकी निगाहें मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयासों पर टिकी हैं। अस्पताल में भर्ती घायलों के स्वास्थ्य को लेकर भी परिजन चिंतित हैं। जैसे-जैसे बचाव कार्य आगे बढ़ेगा और आधिकारिक जानकारी मिलेगी, हादसे से जुड़ी तस्वीर और साफ होती जाएगी।
























