कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े नेता अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को अदालत से बड़ी राहत मिली है। मजिस्ट्रेट ने तीनों को जमानत देते हुए रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। इस फैसले के बाद पार्टी के समर्थकों में राहत का माहौल है, जबकि बीते दो दिनों से चल रही हलचल भी अब थमती दिखाई दे रही है। तीनों नेताओं के वकील रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए रिहाई की शर्त की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक अदालत ने साफ कहा है कि अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को अगले एक वर्ष तक शांति बनाए रखनी होगी। यानी रिहाई तो मिली है, लेकिन इसके साथ आचरण की एक कसौटी भी जुड़ी है।
आम तौर पर ऐसी शर्त का मतलब यह माना जाता है कि संबंधित व्यक्ति तय अवधि में कोई ऐसा काम न करें, जिससे सार्वजनिक शांति या कानून-व्यवस्था पर असर पड़े। शर्त के उल्लंघन की स्थिति में आगे क्या कार्रवाई होगी, इस बारे में फिलहाल कोई अलग जानकारी सामने नहीं आई है। इससे पहले गुरुग्राम पुलिस ने ध्रुव राठी को भी देर से छोड़ दिया था। हालांकि छोड़ने के साथ ही पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी भी दी। पुलिस का कहना था कि यदि वे दोबारा प्रदर्शन के नाम पर एक साथ नजर आए, तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा। इस चेतावनी से साफ है कि प्रशासन आने वाले दिनों में भी स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के मूड में है।
शनिवार, 10 अक्टूबर को एहतियात के तौर पर कई सड़कों पर आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। रविवार को तस्वीर बदली हुई नजर आई। जिन मार्गों पर कल पाबंदी थी, वहां आज लोगों और वाहनों की आवाजाही सामान्य ढंग से चल रही है। पुलिस प्रशासन ने प्रतिबंध हटा दिए हैं, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। कनॉट प्लेस की ओर जाने वाले सभी रास्ते फिर से खोल दिए गए हैं। इंडिया गेट की तरफ भी लोगों का पहुंचना जारी है। बाजारों में भी दुकानें खुली हुई हैं और कारोबारी गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं। बीते दिन की सख्ती के बाद सड़कों का खुलना राहगीरों, दुकानदारों और रोजाना सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
तीनों नेताओं की रिहाई और सड़कों पर पाबंदियां हटने के बाद फिलहाल हालात शांत दिख रहे हैं। हालांकि एक साल तक शांति बनाए रखने की अदालती शर्त और पुलिस की चेतावनी, दोनों ही इस बात का संकेत हैं कि आगे की गतिविधियों पर नजर बनी रहेगी। अब देखना होगा कि कॉकरोच जनता पार्टी इस घटनाक्रम के बाद आगे क्या रुख अपनाती है और प्रशासन किस तरह संतुलन बनाए रखता है। मामले से जुड़ी हर नई जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें।
























