हरदोई: यूपी के हरदोई (Hardoi) में सोशल मीडिया पर लाखों लोगों तक पहुंच और दिव्य दरबार के लिए चर्चित ‘काली सरकार’ की पहचान के पीछे हरदोई का एक हिस्ट्रीशीटर निकला, जिस प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज शुक्ला को हरदोई पुलिस तलाश रही थी, वह झांसी में सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार बनकर मंदिर में रह रहा था।
लूट और मारपीट के मुकदमों में अदालत से स्थायी वारंट जारी होने के बाद शनिवार को मऊरानीपुर और हरदोई की शहर कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। झांसी पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उसे हरदोई पुलिस को सुपुर्द कर कोर्ट में पेश करने के लिए रवाना किया गया।
मंदिर में बाबा बनकर रह रहा था हिस्ट्रीशीटर
प्रदीप शुक्ला हरदोई के शहर कोतवाली क्षेत्र के चौहान थोक का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, वह कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। साल 2014 में लूट के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद साल 2018 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ। दोनों मामलों में अदालत में पेश न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-दो और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत से स्थायी वारंट जारी हुए। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह हरदोई छोड़कर झांसी पहुंच गया।
इंस्टाग्राम पर थे एक लाख फॉलोअर्स
झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में उसने सत्यानंद शुक्ला के नाम से अपनी पहचान बनाई। सेना जैसी पोशाक पहनने और दिव्य दरबार लगाने को लेकर वह चर्चा में आया। वह बीमारियां ठीक करने और लोगों की समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उसके दरबार में दूर-दराज से लोग पहुंचते थे। इंस्टाग्राम पर उसके एक लाख से अधिक फॉलोअर्स होने का भी दावा है। नवरात्रि में नौ दिन दरबार बंद रखने की सूचना के बीच पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
रिपोर्ट: आनंद त्रिवेदी
























