मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के ग्राम प्रहरियों के लिए बड़ी घोषणा की है। राज्य सरकार ने उनके मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की है। अब तक ग्राम प्रहरियों को हर महीने 2500 रुपये मिलते थे, जो अब बढ़कर 3500 रुपये हो गए हैं। इस फैसले का लाभ प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों को मिलेगा। गांव की सुरक्षा व्यवस्था में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अहम मानी जाती है। उन्हें गांव की आंख और कान कहा जाता है, क्योंकि वे गांव की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखते हैं। गांव में अपराध और अफवाहों पर रोक लगाने के उद्देश्य से ही इनकी नियुक्ति की गई थी। सरकार का कहना है कि ग्राम प्रहरियों की तैनाती से ग्रामीण इलाकों में अपराधों को रोकने में काफी मदद मिली है।
मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने ग्राम प्रहरियों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा है। उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। इसके तहत हर ग्राम प्रहरी कैशलेस कार्ड के जरिए एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक का इलाज करा सकेगा। इससे बीमारी या आपात स्थिति में उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक बोझ की चिंता कम करनी पड़ेगी। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होमगार्ड जवानों का वेतनमान बढ़ाने की घोषणा भी कर चुके हैं। लगातार हो रही राजनीतिक गलियारों में अगले साल यानी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है कि चुनाव से पहले सरकार विभिन्न वर्गों को राहत देकर उन्हें अपने पक्ष में करना चाहती है। ग्राम प्रहरियों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है। महंगाई के इस दौर में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी से उनकी आमदनी को सहारा मिलेगा। साथ ही उनका उत्साह भी बढ़ेगा और वे गांवों की सुरक्षा में और अधिक सक्रियता से योगदान दे सकेंगे।
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इससे पहले योगी आदित्यनाथ सरकार पंचायत सहायक, पीआरडी जवान, मिड-डे मील रसोइया, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायिका के मानदेय बढ़ा चुकी है। चुनाव से पहले योगी सरकार लोगों को लुभाने के लिए मानदेय में बढ़ोतरी कर रही है। योगी सरकार अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए इस प्रकार की लोकलुभावन योजनाओं को बढ़ावा दे रही है। इससे पहले योगी आदित्यनाथ सरकार पुलिस में पिछले दस वर्षों के दौरान दो लाख से अधिक कांस्टेबलों की भर्ती कर चुकी है। पिछले पांच वर्षों की बात करें तो उनके द्वारा प्रदेश में 60 हजार कांस्टेबलों की भर्ती की गई है। यूपी की योगी सरकार के द्वारा अन्य विभागों में भी सरकारी नौकरी दी है।
























