लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें खत्म (Azam Khan) होने का नाम नहीं ले रही है। राजधानी लखनऊ से प्रवर्तन निदेशालय यानी की ईडी की टीम रामपुर पहुंची जहां पर जेल में आजम खान से पूछताछ की गई है।
आजम खान से यह पूछताछ जौहर ट्रस्ट में चंदे से जुड़ा है। ईडी के अफसरों ने तकरीबन 8 घंटे तक आजम खान से पूछताछ की है। इससे पहले 19 अगस्त को ईडी के अफसरों ने आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी और उनके कई करीबियों के यहां पहुंचकर जानकारी जुटाई थी।
जोहर ट्रस्ट के चंदे से जुड़ा है मामला
जांच के लिए ईडी के अफसर सुबह 9 बजे रामपुर की जिला जेल पहुंचे जहां पर पहले से बंद सपा नेता आज़म खान से शाम पांच बजे तक पूछताछ की है। 8 घंटे तक ईडी की टीम की पूछताछ में क्या कुछ निकल कर सामने आया, इस बात का अब तक खुलासा नहीं हो सका है जबकि अफसर जेल से निकलने के बाद सीधे अपने वाहन में सवार होकर मौके से निकल गए।
ईडी अफसरों के जेल से निकल जाने के बाद आजम खान और अब्दुल्ला आजम के वकील काशिफ खान ने जेल के अंदर जाकर आज़म खान से मुलाकात की और फिर बाहर आकर उनका पक्ष रखा।
आजम खान पर क्या आरोप है ?
आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी का परिसर बढ़ाने के लिए रामपुर में किसानों की जमीन अवैध तरीके से कब्जाई गई थी। इस मामले में आजम खान के साथ उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ भी कई मुकदमे दर्ज हुए थे।
इसके अलावा यूनिवर्सिटी परिसर में सरकारी धन से सफाई मशीनों को खरीदने और फिर उनके पुर्जे छिपाने या नष्ट करने के आरोप भी लगे थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रहा है। एजेंसी को शक है कि सरकारी ठेके हासिल करने वाले कुछ ठेकेदारों के जरिए पैसे ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी तक पहुंचाया गया था।
रिपोर्ट: मुजस्सिम खान
























