देवरिया। नवरात्र में जहां मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर शक्ति और साहस का संदेश दिया जाता है, वहीं देवरिया में बेटियों की क्षमता और नेतृत्व की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की चार छात्राओं को एक दिन के लिए जिलाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई। डीएम की भूमिका में छात्राओं ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। यह पहल केवल एक दिन की प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इस बात का संदेश भी है कि बेटियां अवसर मिलने पर नेतृत्व की हर भूमिका निभा सकती हैं।
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डीएम की भूमिका निभाते हुए छात्राओं ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। शिकायतों को समझा और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली, जनसुनवाई और निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से जानने का अवसर मिला। नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना हमें नारी शक्ति, साहस और सामर्थ्य का संदेश देती है। ऐसे में बेटियों को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपने की यह पहल उस संदेश को धरातल पर उतारने की एक सार्थक कोशिश है। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की तरह ही बेटियां भी साहस, संवेदना और संकल्प की प्रतीक हैं। मिशन शक्ति का उद्देश्य भी बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें नेतृत्व के लिए प्रेरित करना और उनकी क्षमताओं को पहचानने का अवसर देना है। देवरिया की इन चार छात्राओं ने अपनी भूमिका से यह संदेश दिया कि बेटियां केवल शक्ति की उपासक नहीं, बल्कि स्वयं शक्ति का स्वरूप हैं। उन्हें अवसर मिले तो वे जिम्मेदारी निभाने के साथ समाज में बदलाव की नई इबारत भी लिख सकती हैं।
इनपुट- कृष्ण नंद गुप्ता
























