लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शामली के कद्दावर नेता हरवीर मलिक (Harveer Malik) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अलविदा कह दिया है। वो बीजेपी में पूर्व युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष और भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य रह चुके हैं।
हरवीर मलिक ने लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में औपचारिक रूप से ‘साइकिल’ की सवारी कर ली। उनके साथ पूर्व सांसद राजपाल सैनी सहित कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। हरवीर मलिक पिछले करीब तीन दशकों से भाजपा के प्रति समर्पित थे।
उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। भाजपा युवा मोर्चा के क्षेत्रीय और प्रदेश उपाध्यक्ष रहने के साथ-साथ वो वर्तमान में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य थे। शामली और थानाभवन विधानसभा क्षेत्रों में उनका अच्छा-खासा राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। ऐसे जमीनी नेता का पार्टी छोड़ना आगामी चुनावों में भाजपा के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।
क्यों बढ़ीं भाजपा से दूरियां?
सूत्रों के मुताबिक हरवीर मलिक पिछले काफी समय से स्थानीय स्तर पर पार्टी के फैसलों से असंतुष्ट चल रहे थे। बीते विधानसभा चुनाव में शामली और थाना भवन सीटों से उनकी प्रबल दावेदारी थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। हाल ही में शामली के सांगठनिक फेरबदल में भी जिलाध्यक्ष पद के लिए उनके नाम की अनदेखी की गई।
इस बीच स्थानीय भाजपा संगठन के साथ उनकी तल्खी इतनी बढ़ गई थी कि शामली भाजपा जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप द्वारा उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में ‘कारण बताओ नोटिस’ भी जारी किया गया था। इस नोटिस के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई थीं, जिस पर आज लखनऊ में विराम लग गया।

पश्चिमी यूपी का बदलेगा सियासी समीकरण
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने हरवीर मलिक और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के कारण जमीनी नेता और जनता उनका साथ छोड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरवीर मलिक के सपा में आने से शामली जिले में समाजवादी पार्टी का कैडर और मजबूत होगा। 2027 के विधानसभा चुनाव में मलिक को शामली या थानाभवन सीट से सपा का एक बेहद मजबूत और जिताऊ चेहरा माना जा रहा है।
शामली विधानसभा का जाट जाट समीकरण
शामली सदर विधानसभा और थाना भवन विधानसभा की अगर बात करें तो थानाभवन में आरएलडी से अशरफ अली मौजूदा विधायक है तो वहीं शामली सदर से आरएलडी के ही प्रसन्न चौधरी जाट बिरादरी से आते हैं और वर्तमान में विधायक हैं।
अगर समाजवादी पार्टी हरवीर मलिक को शामली सदर विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी मैदान में उतरती है तो वह जाट वोट बैंक को बहुत हद तक प्रभावित कर सकते हैं और उनकी दावेदारी शामली सदर विधानसभा सीट पर मजबूत रह सकती है।
रिपोर्ट: पंकज मलिक
























