दिल्ली की साकेत कोर्ट में शनिवार को यूट्यूबर ध्रुव राठी से जुड़े वर्ष 2018 के आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई हुई। राठी खुद अदालत नहीं पहुंचे। उनकी ओर से अधिवक्ता ने पक्ष रखा और बताया कि राठी लंदन चले गए हैं, इसलिए वे व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकते। यह विवाद मई 2018 में राठी के यूट्यूब चैनल पर डाले गए वीडियो ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट-दो’ से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे का आरोप है कि इस वीडियो में उन पर झूठे आरोप लगाए गए। उनके मुताबिक इससे समाज में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। इसी आधार पर उन्होंने अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। मामला अभी सुनवाई के स्तर पर है और अदालत ने किसी पक्ष के हक में कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।
इस मामले में अदालत ने पहले भी समन जारी किया था, लेकिन उसकी तामील को लेकर सवाल बने रहे। साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने 12 अक्टूबर को शिकायतकर्ता की अर्जी पर सुनवाई की। इसके बाद उन्होंने नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया। उस सुनवाई में अदालत को बताया गया कि राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं और फिलहाल भारत में हैं। इसी जानकारी को देखते हुए शिकायतकर्ता को प्रक्रिया सर्वर के साथ जाकर समन तामील कराने की अनुमति दी गई। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि समन देने के लिए राठी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। जब नोटिस सीधे हाथ में नहीं दिया जा सका, तो गुरुग्राम के केंद्रीय विहार में स्थित उनके आवास के बाहर समन चस्पा कर दिया गया। यह आरोप शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अदालत के सामने रखा गया है।
समन चस्पा किए जाने के बाद शनिवार को मामले की सुनवाई हुई। राठी की ओर से उनके अधिवक्ता अदालत में हाजिर हुए। उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी कि राठी लंदन में हैं और वहां से अदालत में उपस्थित होना संभव नहीं है। यानी जिस व्यक्ति के भारत में होने की बात पिछली सुनवाई में सामने आई थी, उसके बारे में अब उनके वकील ने अलग जानकारी दी है। अब देखना होगा कि अदालत इस दलील को किस तरह लेती है और राठी की पेशी के लिए आगे क्या निर्देश देती है। मामले में आगे की कार्यवाही अदालत के आगामी आदेश के अनुसार होगी। आपराधिक मानहानि के मामलों में आरोपी का अदालत के सामने पेश होना कानूनी प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जाता है। ऐसे में राठी के लंदन में होने की जानकारी के बाद अदालत का अगला कदम इस मामले की दिशा तय करेगा। फिलहाल दोनों पक्षों की नजर अदालत के अगले आदेश पर टिकी है।
























