अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। राजस्थान के कोटा में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे सघन पूछताछ जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इनमें से दो पर रविवार को हुई गोलीबारी में सीधे शामिल होने का शक है। मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और कोटा सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार थे और कोटा रेलवे स्टेशन पर यात्रा के दौरान पकड़े गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार वे पुलिस से बचने के लिए मुंबई से ट्रेन के रास्ते निकले थे। वे महाराष्ट्र की सीमा पार कर गुजरात होते हुए आगे बढ़ रहे थे।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए लोगों में एक नाबालिग है। दूसरा आरोपी 22 वर्षीय ऋतिक कुमार उर्फ रोशन है, जो बिहार के बेगूसराय जिले के पिपराई का रहने वाला है। वह इन दिनों मुंबई के अंधेरी वेस्ट में उर्दू स्कूल के पास रहता था और रैपिडो राइडर के तौर पर काम करता था। तीसरे आरोपी की पहचान रेहान के रूप में हुई है, जो हरियाणा के सोनीपत जिले में थाना सदर क्षेत्र की ईदगाह कॉलोनी का निवासी है। जांच एजेंसियों को शक है कि हमले को प्रशिक्षित और पेशेवर शूटरों ने अंजाम दिया। माना जा रहा है कि घटना से पहले टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या पर बारीकी से नजर रखी गई थी। आरोपियों को पता था कि अभिनेता हर रविवार जुहू के फुटबॉल ग्राउंड जाते हैं। इसी जानकारी के सहारे उन्होंने ऐसा वक्त चुना, जब टाइगर मैदान से निकलकर अपनी कार में बैठ रहे थे।
पुलिस का कहना है कि फायरिंग के बाद शूटर पहले से तय रास्ते से निकले। वे एसवी रोड से होते हुए विले पार्ले और फिर अंधेरी की तरफ बढ़े। अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दी और बोरीवली की ओर जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। इसके बाद वे लंबी दूरी की ट्रेन के जरिए राजस्थान की ओर निकल पड़े, लेकिन पुलिस की निगरानी से नहीं बच सके। घटना के बाद रविवार रात महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे टाइगर श्रॉफ के घर पहुंचे। उन्होंने हालात की जानकारी ली और परिवार को सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। शिंदे के अनुसार टाइगर के बाएं हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि टाइगर और उनकी मां आयशा श्रॉफ, दोनों इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि मामले में सख्त कार्रवाई होगी और सार्वजनिक हस्तियों को धमकी देने वालों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। अब पुलिस की कोशिश यह पता लगाने की है कि हमले की साजिश किसने रची और इसके पीछे मकसद क्या था। यह भी देखा जा रहा है कि शूटरों को हथियार और ठिकाने की मदद किन लोगों से मिली। मुंबई पुलिस की टीम पूछताछ के बाद आरोपियों को अपनी कस्टडी में लेकर आगे की कार्रवाई करेगी
























