मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। मीरापुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रभारी रविंद्र कुमार भाटी के समर्थन में आयोजित रैली में चंद्रशेखर ने गन्ना मूल्य, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और चुनावी पारदर्शिता को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला।
निष्पक्ष चुनाव और वोटों का बंटवारा नहीं हुआ तो हारेगी बीजेपी: चंद्रशेखर आजाद
उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलितों, पिछड़ों, मुस्लिमों और मजदूरों का गठबंधन मजबूत होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वोटों का बंटवारा रोकने के लिए विपक्षी दलों के साथ गठबंधन के रास्ते खुले हैं। दरअसल, शनिवार को मुजफ्फरनगर के मोरना स्थित महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज के मैदान में आजाद समाज पार्टी की महारैली आयोजित की गई।
रैली में पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति के संकेत दिए और मीरापुर विधानसभा सीट पर पार्टी की जीत का दावा किया। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मीरापुर उपचुनाव में उनकी पार्टी को करीब 24 हजार वोट मिले थे। उन्होंने दावा किया कि निष्पक्ष चुनाव और वोटों का बंटवारा नहीं होने की स्थिति में पार्टी का प्रदर्शन और बेहतर होगा।
गन्ने का मूल्य को लेकर उठाए सवाल
उन्होंने पार्टी प्रभारी रविंद्र कुमार भाटी की जीत को लेकर भी बड़ा दावा किया। रैली के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने गन्ना किसानों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि जब चीनी का मूल्य 60 रुपये प्रति किलो तक हो सकता है, तो गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल क्यों नहीं हो सकता? उन्होंने किसानों को उचित मूल्य देने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की जरूरत पर जोर दिया।
चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चंद्रशेखर आजाद ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की भी पैरवी की। पंचायत चुनाव में देरी को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि जनता बदलाव के लिए तैयार बैठी है। उन्होंने विपक्षी दलों से भाजपा के खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ने की अपील करते हुए कहा कि गठबंधन के रास्ते अभी खुले हैं। उनके मुताबिक, वोटों का बंटवारा रोकना विपक्ष के लिए बेहद जरूरी है।
रिपोर्ट: दीपक वत्स






















