कानपुर: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) रविवार सुबह शहर के परीक्षा केंद्रों पर शुरू हो गई। पहली पाली के लिए सुबह से ही अभ्यर्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। केंद्रों के बाहर अनुशासन बनाए रखने के लिए अभ्यर्थियों को कतार में खड़ा कराया गया और बारी-बारी से भीतर भेजा गया। शहर में परीक्षा के लिए कुल 21 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें गोविंद नगर का चाचा नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज और माया देवी बालिका इंटर कॉलेज, साकेत नगर का सुभाष स्मारक इंटर कॉलेज, कल्याणपुर का जवाहरलाल नेहरू इंटर कॉलेज तथा हरजिंदर नगर का खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज शामिल हैं। इन केंद्रों पर प्रवेश से पहले हर अभ्यर्थी की गहन जांच की गई।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। इसके अलावा बालों और जूतों की भी बारीकी से तलाशी ली गई, ताकि कोई प्रतिबंधित सामग्री भीतर न जा सके। जांच पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष की ओर बढ़ने दिया गया। कुछ अभ्यर्थियों को इस सख्ती से थोड़ी असुविधा जरूर हुई, लेकिन ज्यादातर ने इसे परीक्षा की निष्पक्षता के लिए जरूरी माना। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी व्यवस्था का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सभी परीक्षार्थियों को बराबरी का मौका देना है। परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इनके साथ पुलिस बल भी मौके पर मौजूद है। केंद्रों के आसपास भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने और परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
पीईटी का आयोजन दो पालियों में किया जा रहा है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। शहर में प्रत्येक पाली में करीब 9,288 अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। यानी दिन भर में कानपुर के इन केंद्रों पर हजारों युवा अपनी किस्मत आजमाएंगे। पीईटी उत्तर प्रदेश में अधीनस्थ सेवाओं की विभिन्न भर्तियों की पहली सीढ़ी मानी जाती है। इसमें प्राप्त अंकों के आधार पर अभ्यर्थी आगे की भर्ती प्रक्रियाओं के लिए पात्र बनते हैं। यही कारण है कि प्रदेश भर के लाखों युवा इसकी तैयारी में महीनों से जुटे रहते हैं और यह परीक्षा उनके लिए बेहद अहम होती है।
परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही चहल-पहल रही। कई अभ्यर्थी अपने अभिभावकों या साथियों के साथ पहुंचे थे। कुछ आखिरी समय तक नोट्स पलटते नजर आए, तो कुछ गेट खुलने का इंतजार करते हुए एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते दिखे। प्रशासन की ओर से अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंचें और आयोग के निर्देशों का पालन करें। परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क है।




















