Ghaziabad: जनपद के इंदिरापुरम में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, जिम में शुरू हुई एक मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। इसी रिश्ते के चलते प्रिया शर्मा ने अपने पति शशांक को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। पुलिस ने बताया कि प्रिया अपने प्रेमी प्रताप से शादी करना चाहती थी। इसके लिए दोनों ने मिलकर पति पर हमले की योजना बनाई। योजना यह थी कि वारदात को लूट की घटना का रूप दे दिया जाए, ताकि किसी को उन पर शक न हो। इसी साजिश के तहत प्रिया ने प्रताप के साथ मिलकर शशांक पर चाकू से हमला कर दिया।
यह है पूरा मामला
जिम में शुरू हुई दोस्ती प्रेम संबंधों तक पहुंची, तो प्रिया शर्मा ने पति शशांक को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इंदिरापुरम में पत्नी प्रिया शर्मा ने प्रेमी प्रताप के साथ मिलकर पति शशांक पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, प्रिया प्रेमी से शादी करना चाहती थी और दोनों ने वारदात को लूट दिखाने की योजना बनाई थी। घटना के दौरान दंपती की 3 साल की बेटी ने सब कुछ देख लिया। पुलिस ने प्रिया और प्रताप के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है। Ghaziabad
दंपत्ति की पुत्री
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि हमले के दौरान दंपती की 3 साल की बेटी भी मौके पर मौजूद थी। मासूम ने अपनी आंखों के सामने यह सब होते देखा। इतनी कम उम्र में इस तरह का मंजर बच्चों के मन पर गहरा असर छोड़ सकता है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में लूट की कहानी की परतें खुलती गईं और साजिश सामने आ गई। पुलिस ने प्रिया और प्रताप के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी की बारीकी से जांच की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। Ghaziabad
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तिहरे हत्याकांड के बाद शव रखकर प्रदर्शन, इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी निलंबित
लखनऊ के सआदतगंज इलाके में पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते तिहरे हत्याकांड में बदल गया। गोलीबारी में तीन लोगों की जान चली गई। इसके बाद इलाके में गम और गुस्से का माहौल है। मृतकों के परिजनों ने तीनों शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। परिजन चाहते हैं कि आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाया जाए और उसका एनकाउंटर किया जाए। मृतक शिवा की बेटी को सरकारी नौकरी देने और पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की गई है। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती प्रदर्शन जारी रहेगा।
क्या है पूरा मामला
हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दस थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दी। अधिकारी लगातार परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं। इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इस बीच पुलिस महकमे पर भी कार्रवाई की गाज गिरी है। लापरवाही के आरोपों के बाद पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारी इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अगर समय रहते विवाद को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद तीन लोगों की जान को बचाया जा सकता था। पुलिस अधिकारियों के निलंबन को इसी नाराजगी को शांत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
गम का माहौल
मृतकों के घरों में मातम पसरा है। एक साथ 3 अर्थियों ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि मृतक शिवा की बेटी का भविष्य खराब हो चुका है उसे नौकरी सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। पुलिस प्रशासन कितनी तेजी से आरोपी पर शिकंजा कसता है, इसी से आगे की स्थिति तय होगी। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है, ताकि बातचीत से रास्ता निकल सके। यह मामला सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि पुलिस की जवाबदेही की भी परीक्षा है। जनता चाहती है कि दोषी सिर्फ पकड़े ही न जाएं, बल्कि उन्हें ऐसी सजा मिले जो मिसाल बने। साथ ही यह भरोसा भी लौटे कि शिकायत करने पर समय पर कार्रवाई होगी।
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