Gorakhpur: पूर्वांचल के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कॉलेज प्रबंधन ने 18 छात्रों को निलंबित कर दिया है। इन सभी पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक, एमबीबीएस प्रथम वर्ष के कुछ छात्रों ने अपने सीनियर्स पर रैगिंग के आरोप लगाए थे। उन्होंने कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी और प्राचार्य को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया कि सीनियर छात्र उन्हें मानसिक रूप से परेशान करते थे।
शिकायत मिलते ही प्राचार्य ने बिना देर किए एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई और पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और उपलब्ध साक्ष्यों को परखा। जांच के बाद आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर 18 लोगों को दोषी ठहराया गया है। इनमें 16 सीनियर एमबीबीएस छात्र और 2 इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर शामिल हैं। सभी को अलग-अलग अवधि के लिए निलंबित किया गया है। इसके साथ ही उन्हें छात्रावास से बाहर करने की तैयारी भी चल रही है। Gorakhpur
प्राचार्य ने साफ शब्दों में कहा कि परिसर में रैगिंग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके अनुसार यह कार्रवाई बाकी छात्रों के लिए भी एक सबक है। कॉलेज ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। रैगिंग पर रोक के लिए कॉलेज ने एंटी रैगिंग हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और परिसर में जगह-जगह पोस्टर भी लगवाए गए हैं। नए छात्रों को भरोसा दिलाया गया है कि वे बेझिझक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उनकी बात गंभीरता से सुनी जाएगी। Gorakhpur
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जूनियर छात्रों के साथ सीनियर छात्रों की रैगिंग का मामला पहले भी प्रकाश में आते रहे हैं। इस दिशा में अब कालेज प्रशासन द्वारा कमेटी बनाकर इसे रोकने का प्रयास किया जाता है। बता दें कि पूर्व में रैगिंग से परेशान होकर कई छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए सभी कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी बनाकर इसे रोकने का प्रयास किया जाता है। रैगिंग में लिप्त छात्रों के निलंबन और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड के बाद छात्र रैगिंग करने से परहेज करेंगे। Gorakhpur
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Gorakhpur: गाय की मौत के बाद गांव में रेबीज फैलने का डर
Gorakhpur: लोगों में रेबीज फैलने की अफवाह से हड़कंप मच गया है। गोरखपुर में एक गाय की मौत के बाद लोगों में रेबीज वायरस का डर देखा जा रहा है। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों ने सरकारी अस्पताल पहुंचकर रेबीज वेक्सीन का टीका लगवाया है। बताया जा रहा है कि एक गाय को कुत्ते ने काट लिया था। कुछ दिनों के बाद गाय की मौत हो गई। लोगों का कहना है कि इसी गाय के दूध से चरणामृत बनाकर लोगों को दिया गया था। Gorakhpur
यह है पूरा मामला
एक गाय की मौत के बाद गांव में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि जिस गाय को कुत्ते ने काटा था, उसी के दूध से दुर्गा पूजा के दौरान चरणामृत तैयार किया गया था। गाय की तबीयत बिगड़ने और फिर उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद चरणामृत पीने वाले ग्रामीणों में रेबीज को लेकर चिंता बढ़ गई। मामला गोला ब्लॉक के डाड़ी खास गांव का है, जहां एहतियातन करीब 450 लोगों ने एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई है। मंगलवार को 50 लोगों ने सीएचसी पहुंचकर टीका लगवाया, जबकि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर करीब 400 लोगों का टीकाकरण किया। हालांकि, क्या चरणामृत पीने से रेबीज का खतरा था? इस पर स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने क्या जानकारी दी, देखिए ये रिपोर्ट। Gorakhpur
दुर्गापूजा में बांटा गया चरणामृत
गोरखपुर के डाड़ी खास गांव में दुर्गा पूजा के दौरान वितरित चरणामृत को लेकर लोगों में चिंता फैल गई। दरअसल, जिस गाय के दूध से चरणामृत बनाया गया था, उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। पशुपालक के मुताबिक, गाय को आवारा कुत्ते ने काटा था। पशु चिकित्सकों ने भी गाय में रेबीज की आशंका जताई थी।
गाय की मौत की जानकारी सामने आने के बाद डाड़ी खास और गोविंदपुर गांव के लोग चिंतित हो गए। बताया जा रहा है कि गाय का दूध कुछ दुकानों और घरों में भी पहुंचता था। ऐसे में लोगों ने एहतियातन एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी शुरू कर दी। Gorakhpur
450 लोगों ने लगवाया टीका
मंगलवार को 50 लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर टीका लगवाया, जबकि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर करीब 400 लोगों का टीकाकरण किया। इस तरह कुल 450 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। इस मामले में डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, चरणामृत बनाने से पहले दूध उबाला गया था। हालांकि, रेबीज के संभावित जोखिम का आकलन चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा किया जाना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि संबंधित लोग स्वयं कोई निष्कर्ष निकालने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लें। Gorakhpur
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