मथुरा: यूपी के मथुरा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) द्वारा वृंदावन और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान के बाद धर्मनगरी वृंदावन के संतों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। संतों ने उनके बयान पर अपनी बात रखते हुए भगवान श्रीकृष्ण की महिमा, वृंदावन की आध्यात्मिक गरिमा और ब्रज की धार्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए उन्हें मर्यादा का ध्यान रखने की सलाह दी है।
‘मर्यादा का रखें ध्यान’
इस मामले में नागेन्द्र जी महाराज, (प्रभारी, काशी विद्वता परिषद, पश्चिमी भारत) ने अपनी प्रतिक्रिया दी। वहीं महामंडलेश्वर कुंज बिहारी दास महाराज और स्वामी सत्य मित्रानन्द महाराज ने भी इस विषय पर अपने विचार रखे।
संतों का कहना है कि वृंदावन केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण और वृंदावन से जुड़े किसी भी बयान को देते समय धार्मिक भावनाओं और ब्रज की महिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान को लेकर संतों की इन प्रतिक्रियाओं के बाद धार्मिक जगत में यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा था ?
बता दें कि एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था, ‘तु्म्हारे ठाकुर जी हर फोटो में इधर-उधर देखते नजर आते हैं, खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े और पांव के ऊपर पांव, कमर कहीं लचकाएं और गर्दन टेढ़ी करके बांसुरी बजाते हैं.
रिपोर्ट: दीपक


























