प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि हाल ही में उनकी पांच देशों की यात्रा के दौरान उन्होंने कई वैश्विक कंपनियों के नेताओं से मुलाकात की, जहां हर जगह भारत के युवाओं और देश की तकनीकी प्रगति को लेकर उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि दुनिया अब भारत के विकास मॉडल में भागीदार बनना चाहती है, और इसका सीधा फायदा भारतीय युवाओं को मिल रहा है।
पीएम मोदी ने साझा किया कि नीदरलैंड्स के साथ सेमीकंडक्टर, वाटर टेक्नोलॉजी, कृषि और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग बढ़ा है। स्वीडन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनोवेशन पर फोकस बढ़ा है, नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और मैरीटाइम सेक्टर में साझेदारी मजबूत हुई है। वहीं, यूएई में एनर्जी और टेक्नोलॉजी के बड़े समझौते हुए हैं, और इटली के साथ डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स और साइंस-टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया गया है।
उन्होंने खास तौर पर ASML और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच हुए सेमीकंडक्टर समझौते का जिक्र किया और कहा कि यह भारत में उच्च तकनीक मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के नए अवसर खोलेगा। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन एनर्जी, शिपबिल्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में निवेश को ‘भारत की नई ग्रोथ स्टोरी’ बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत तेजी से विश्व का भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बन रहा है और आने वाले समय में सेमीकंडक्टर, शिपबिल्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टरों में लाखों नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि देश में 2.3 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा अब इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे, हाईवे, एयरपोर्ट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास में तेजी से काम हो रहा है, जिससे शहर और गांव के बीच की दूरी घट रही है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि आने वाले दशक में भारत के युवाओं के लिए अवसरों का सबसे बड़ा दौर होगा।


