2027 Assembly Elections से पहले सपा के सामने कांग्रेस बड़ी चुनौती खड़ी कर सकती है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों के लिए दोनों पार्टी गठबंधन के साथ मैदान में उतरने का मन बना चुकी हैं, लेकिन इसमें सबसे बड़ी दीवार खुद कांग्रेस पार्टी खड़ी कर सकती है। जानकारों का मानना है कि विधानसभा की 403 सीटों में से कांग्रेस 120 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर सकती है। जबकि सपा 70-80 सीटें देने के लिए तैयार हो सकती है।
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दोनों दल मान रहे हैं कि यदि वे एक साथ चुनाव लड़े, तो इसके सकारात्मक नतीजे मिल सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव में कांग्रेस को 70 से 80 सीटें देने पर विचार कर रही है, जबकि संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस 120 सीटों की मांग कर सकती है। विधानसभा में सपा अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन करने पर विचार कर रही है और उनके साथ भी सीट साझा करेगी। सपा कम से कम 300 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारना चाहती है।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने गठबंधन किया था, जिसमें समाजवादी पार्टी को बड़ी सफलता मिली थी। कांग्रेस इस सफलता के लिए अपनी भूमिका को महत्वपूर्ण बताती है।
हालांकि, समाजवादी पार्टी के कुछ नेता कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर नाराज दिख रहे हैं। उनका तर्क है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था, और वह कई क्षेत्रीय दलों से भी पीछे रही थी। पिछली विधानसभा में कांग्रेस प्रदेश में केवल दो सीटें जीतने में सफल रही थी।
विश्लेषक मानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में यदि कांग्रेस और सपा गठबंधन करने में कामयाब रहे तो नतीजे सकारात्मक हो सकते है। लेकिन अलग-अलग चुनाव लड़ने पर इसके परिणाम दोनों पार्टियों के लिए घातक होंगे। सपा और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा ही राज्य की राजनीतिक तस्वीर को तय कर सकता है।


