भारत इस समय भीषण गर्मी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। कई शहरों में पारा 45°C के पार जा चुका है और लू लगने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन अब राहत की खबर है। शुक्रवार से देश के 15 से ज्यादा राज्यों में मौसम बदलने वाला है और बारिश से गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिन बारिश हो सकती है। बिहार के 32 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-बारिश की आशंका है। राजस्थान में जयपुर समेत 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। हालांकि जैसलमेर, फलोदी, गंगानगर और बीकानेर में अभी भी हीटवेव का असर बना हुआ है। बुधवार को श्रीगंगानगर देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 48.2°C तक पहुंच गया।गर्मी का कहर महाराष्ट्र के नागपुर में सबसे ज्यादा दिखा। यहां पिछले तीन दिन में रेलवे स्टेशन, सड़क और फ्लाईओवर के नीचे जैसी सार्वजनिक जगहों पर 16 लोगों के शव मिले हैं। प्रशासन को आशंका है कि इनकी मौत हीटवेव की वजह से हुई है। नागपुर में बुधवार को भी अधिकतम तापमान 46°C दर्ज किया गया।
पहाड़ी राज्यों में स्थिति अलग है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आज बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। इससे गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन भूस्खलन और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है।फिलहाल नौतपा चल रहा है, जिसमें गर्मी अपने चरम पर होती है। तेज धूप और गर्म हवाओं से लू यानी हीटस्ट्रोक का खतरा बहुत बढ़ जाता है। लू लगने पर शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है और समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा हो सकती है।अच्छी बात यह है कि 29 मई से 5 जून तक देश के 80-90% हिस्से में प्री-मानसून बारिश हो सकती है। यह बारिश इसलिए जरूरी है क्योंकि मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। केरल में 14 तय स्टेशनों पर लगातार दो दिन 2.5 मिमी बारिश होने पर ही मानसून पहुंचने का ऐलान होता है। मौसम विभाग ने 26 मई को मानसून पहुंचने का अनुमान लगाया था, लेकिन नमी कमजोर होने से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया। दक्षिण-मध्य अरब सागर में बने चक्रवाती सर्कुलेशन से भी बादल कमजोर हुए हैं।
यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स के अनुसार, अगले 8 दिनों में दक्षिण भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और बंगाल की खाड़ी के इलाकों में ज्यादा बारिश के संकेत हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और भूजल स्तर भी सुधरेगा।फिलहाल लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में घर से बाहर न निकलें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, हल्के सूती कपड़े पहनें और धूप में मेहनत वाला काम न करें। बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वालों को खास सावधानी बरतनी होगी।
भले ही इस भीषण गर्मी ने पूरे देश को झुलसाया है, लेकिन बारिश का पूर्वानुमान एक बड़ी राहत लेकर आया है। आने वाले दिन बेहद अहम हैं क्योंकि प्री-मानसून बारिश ही मुख्य मानसून की नींव रखेगी। तब तक लू से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। अब पूरा देश उम्मीद भरी नजरों से आसमान की ओर देख रहा है – ठंडी हवाओं, सुरक्षित दिनों और देर से ही सही, मानसून की पहली फुहारों के इंतजार में।


