UttarpradeshNews : भाजपा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर हुए अत्याचारों और फैसलों के कारण अब उनकी ही पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से उनके अपने लोग उनसे दूरी बना रहे हैं और उन्हें राजनीतिक रूप से जवाबदेह ठहराया जा रहा है। भाजपा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का फ्यूज उड़ चुका है। बंगाल ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है। जिस तरह से उन्होंने अपने शासनकाल में अत्याचार किए और करवाए थे उससे शर्मिंदा होकर अब उनके अपने ही दूरियां बना रहे हैं। ममता बनर्जी को बंगाल की जनता ने सजा दी है और अब उनके अपने भी उन्हें सजा रहे हैं।
ममता बनर्जी के विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर उनके समर्थन में कमी की चर्चा तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि पहले विधायकों के बाद अब सांसदों के बीच भी दूरी बढ़ती नजर आ रही है। आज बुलाई गई एक अहम बैठक में स्थिति और स्पष्ट दिखी, जहां कुल 41 सांसदों में से केवल 5 ही उपस्थित हुए। लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के 29 सांसद हैं, जिनमें एक सांसद के निधन के बाद यह संख्या 28 रह गई है, लेकिन इनमें से सिर्फ 3 सांसद ही बैठक में पहुंचे। वहीं राज्यसभा के 13 सांसदों में से केवल 2 सांसदों की उपस्थिति दर्ज की गई। इन आंकड़ों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर असंतोष और दूरी बढ़ती जा रही है।
दिल्ली में आज TMC सांसदों की अहम बैठक, सियासी हलचल तेज
8 जून को दिल्ली में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की अहम बैठक प्रस्तावित है। इसी दिन ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए भी बुलाया है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी के भीतर और बाहर नेतृत्व की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, असंतुष्ट खेमे से जुड़े नेता फिलहाल कोई जल्दबाजी में कदम नहीं उठाना चाहते और पहले ज्यादा से ज्यादा सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद संसदीय स्तर पर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच, बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार पहले ही संगठनात्मक जिम्मेदारियों से इस्तीफा देकर असंतोष जता चुकी हैं। साथ ही देव, रचना बनर्जी, यूसुफ पठान, जून मालिया और सायोनी घोष जैसे नेताओं के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में बने हुए हैं।


