Delhi News :रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में देश की लड़ाकू विमान परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और समयसीमा पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सबसे ज्यादा फोकस तेजस MK1A फाइटर जेट की डिलीवरी में हो रही देरी पर रहा। माना जा रहा है कि सप्लाई चेन और इंजन उपलब्धता जैसी चुनौतियों के कारण प्रोजेक्ट की रफ्तार प्रभावित हुई है। इसी वजह से HAL की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं और कंपनी पर पेनल्टी लगाने की संभावना पर चर्चा होने की बात सामने आई है। इसके अलावा बैठक में रूस के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट ऑफर को लेकर भी स्थिति की समीक्षा की गई। भारत और रूस के बीच इस एडवांस फाइटर जेट के संभावित सहयोग और तकनीकी साझेदारी को लेकर बातचीत जारी रहने की बात कही गई है, हालांकि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। साथ ही भारत के स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) प्रोजेक्ट की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तेज करने पर जोर दे रही है, ताकि भविष्य में भारत को स्टील्थ फाइटर क्षमता में आत्मनिर्भर बनाया जा सके। कुल मिलाकर, इस समीक्षा बैठक में साफ संकेत दिए गए कि रक्षा उत्पादन में देरी को लेकर अब सख्ती बढ़ सकती है, जबकि स्वदेशी और फ्यूचर-जनरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट्स को तेज करने पर सरकार का फोकस बना हुआ है।



























