एक समय था जब युवाओं के लिए करियर का मतलब केवल अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी हासिल करना होता था। लेकिन बदलते दौर के साथ GenZ की सोच भी बदल रही है। आज की युवा पीढ़ी का मानना है कि सफलता सार्थक है जब उसके साथ मानसिक शांति, व्यक्तिगत संतुष्टि और स्वास्थ जीवनशैली भी जुडी हो।
नौकरी क्षेत्र में बढ़ते दबाव प्रतिस्पर्धा और डिजिटल दुनिया के प्रभाव ने युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया है। यही कारण है कि अब वे ऐसी नौकरियों को प्राथमिकता दे रहे हैँ जो उन्हें बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस, लचीले कार्य घंटे और तनाव मुक्त माहौल प्रदान करें। कई युवा कर्मचारी अधिक वेतन वाली नौकरी छोड़कर ऐसे अवसर चुन रहे हैँ जहां उनकी खुशहाली और मानसिक स्वास्थ्य को महत्व दिया जाता हो।
डेलॉइट की 2025 ग्लोबल Gen Z और मिलेनियल सर्वे के अनुसार, युवा अब ऐसे करियर की तलाश में हैं जो आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ सार्थक काम और मानसिक संतुष्टि भी प्रदान करे। केवल ऊंचे पद और बड़ी सैलरी हासिल करना अब उनकी प्राथमिकता नहीं रह गयी है।
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GenZ का मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के पीछे के बहोत से कारण हैँ जैसे कि महामारी, बर्नआउट से बचाव, जीवन संतुलन, काम कि तलाश, मानसिक स्वास्थ्य के लिए जागरूकता है।
स्वस्थय के प्रति समाज में अब खुलकर चर्चा होने लगी है। युवा अपने मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर खुलकर बात करने और थेरेपी लेने से नहीं हिचकिचाते।


