अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा देने वाले लोगों को अब डर सता रहा है कि उनके द्वारा दिये गये चंदे का क्या हुआ होगा? क्या जिस धार्मिक कार्य के लिए चंदा दिया गया था, वह उसी कार्य में प्रयोग किया गया? या उसका कही गलत तरीके से व्यक्तिगत प्रयोग किया गया है? अपनी इसी चिंता को दूर करने के लिए सिंधी समाज ने चंपत राय से राम मंदिर काज में दान दिये गये 200 किलो चांदी के बारे में जानकारी मांगी है।
इंटरनेशनल सिंधी सेवा संगम के चेयरमेन ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बंसल जवाब मांगा है कि द्वारा दान दिये गये चंदे का प्रयोग मंदिर परिसर में कहा किया गया है। चैयरमेंन राजू मंडवानी ने एक वीडियो जारी कर चंदे के बारे में जानकारी देने की अपील की है।
मुम्बई निवासी राजू मंडवानी ने वीडियो के जरिये चंपत राय बंसल से सिंधी समाज द्वारा दिये गये चंदे की जानकारी मांगी है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए सिंधी समाज ने मंदिर में चांदी दान देने का फैसला किया था। इस दौरान उनके समाज ने मंदिर में लगाने के लिए 200 किलो चांदी की ईंट बनवाकर दी थी।
उनका कहना है कि वर्तमान में 200 किलो चांदी की कीमत लगभग 6 से 7 करोड़ रुपये है। उनके द्वारा दी गई चांदी की सभी ईंटों पर साईं झूलेलाल की फोटो लगी हुई है। उन्होंने बताया कि टीवी पर चल रही खबरों के माध्यम से पता चला है कि राम मंदिर में दिया गया चंदा चोरी हो रहा है। अपने मन में उठी शंका को दूर करने के लिए उन्होंने चंपत राय बंसल से 200 किलो चांदी के बारे में जानकारी मांगी है।
राजू मंडवानी का कहना है कि सिंधी समाज के लोगों के साथ मिलकर उन्होंने 21 जनवरी 2021 के दिन श्री राम मंदिर परिसर में चंपत राय बंसल को 200 किलो चांदी की ईंट सौंपी थी। उस समय चंपत राय ने उन्हें बताया कि चांदी की गुणवत्ता को जांचने के बाद उन्हें रसीद दे दी जायेगी।
उनका कहना है कि राम मंदिर में चांदी दान करने के बाद उन्होंने ध्यान ही नहीं दिया, लेकिन अब मंदिर में चंदा चोरी की वारदात के बाद उन्हें आशंका है। उन्होंने सिंधी समाज द्वारा दान में दी 200 किलो चांदी की जानकारी मांगते हुए कहा कि चंपत राय बंसल बताएं कि उनके द्वारा दी गई चांदी का प्रयोग मंदिर परिसर में कहां किया गया है।
गौरतलब है कि चंदा चोरी की खबर सामने आने के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने एसआईटी (SIT) का गठन किया है। एसआईटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। राजू मंडवानी ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री के द्वारा गठित एसआईटी पर पूरा भरोसा है।


