CBFC: भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में गिनी जा रही निर्देशक नितेश तिवारी की ‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता अब और बढ़ गई है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने इस फिल्म को ‘U’ यानी यूनिवर्सल सर्टिफिकेट दे दिया है। इसका मतलब है कि हर आयु वर्ग का दर्शक इसे सिनेमाघर में देख सकता है। सबसे खास बात यह है कि बोर्ड ने फिल्म में कोई कट या बदलाव नहीं सुझाया।

क्या होता है ‘U’ सर्टिफिकेट?
CBFC फिल्मों को उनकी विषय-वस्तु के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटता है। ‘U’ श्रेणी उन फिल्मों को मिलती है, जिनमें ऐसा कुछ नहीं होता जो किसी भी उम्र के दर्शक के लिए अनुचित हो। यानी न अनावश्यक हिंसा, न आपत्तिजनक भाषा और न ही असहज करने वाले दृश्य। ऐसी फिल्म बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सब एक साथ देख सकते हैं। ‘रामायण’ जैसी कथा के लिए यह प्रमाणपत्र स्वाभाविक भी लगता है। यह कहानी पीढ़ियों से हर घर में सुनी-सुनाई जाती रही है और इसके साथ करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है। ऐसे में परिवार के साथ देखे जा सकने वाले प्रमाणपत्र का मिलना निर्माताओं के लिए भी राहत की बात है।

बिना कट के पास हुई फिल्म
‘बॉलीवुड हंगामा’ की रिपोर्ट के मुताबिक CBFC की जांच समिति ने फिल्म को बिना किसी कांट-छांट के पास कर दिया है। यानी ऑडियो और विजुअल, दोनों स्तर पर फिल्म में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आमतौर पर बड़ी फिल्मों में कुछ संवाद बदलवाए जाते हैं या कुछ दृश्य छोटे किए जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसी नौबत नहीं आई। निर्देशक की मूल सोच जस की तस पर्दे पर पहुंचेगी।
रिपोर्ट के अनुसार फिल्म का कुल रनटाइम 195 मिनट, यानी 3 घंटे 15 मिनट है। यह लंबाई भव्य पैमाने की कहानियों में अब आम होती जा रही है। रामायण जैसे विशाल महाकाव्य को समेटने के लिए इतना समय शायद जरूरी भी है। हालांकि लंबी अवधि के कारण दर्शकों को इंटरवल सहित पूरा समय निकालकर जाना होगा।
कौन निभा रहा है कौन-सा किरदार?
फिल्म की स्टारकास्ट इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है: रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में हैं। साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। रवि दुबे लक्ष्मण का रोल निभा रहे हैं। यश रावण के रूप में दिखेंगे। सनी देओल भगवान हनुमान बने हैं। इस कलाकार-सूची को लेकर दर्शकों में खूब चर्चा रही है। रणबीर कपूर को राम के रूप में देखने की जिज्ञासा जितनी है, उतना ही उत्साह साई पल्लवी की सीता और यश के रावण को लेकर भी है। वहीं सनी देओल का हनुमान अवतार भी पर्दे पर खास आकर्षण बनने वाला है।
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फिल्म के बारे में कहा जा रहा है कि इसे लगभग 4000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनाया गया है। हालांकि बजट के ये आंकड़े मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं और निर्माताओं की ओर से इनकी अलग से पुष्टि का इंतजार रहता है। फिर भी इतना तय है कि इसे भारतीय सिनेमा के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्टों में गिना जा रहा है।

नितेश तिवारी से बढ़ी उम्मीदें
निर्देशक नितेश तिवारी पहले ‘दंगल’ और ‘छिछोरे’ जैसी फिल्में बना चुके हैं, जिन्हें दर्शकों और समीक्षकों दोनों का भरपूर प्यार मिला। भावनाओं को सहजता से पर्दे पर उतारने की उनकी खूबी से ही रामायण को लेकर उम्मीदें और ऊंची हो गई हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या वे सदियों पुरानी इस कथा को आज की पीढ़ी के लिए नए अंदाज में पेश कर पाएंगे, और वह भी मूल भावना से समझौता किए बिना।

‘U’ सर्टिफिकेट मिलने से परिवारों के लिए सिनेमाघर जाना आसान हो गया है। बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का यह एक अच्छा मौका बन सकता है। साथ ही बिना कट के पास होने का मतलब है कि फिल्म को लेकर किसी तरह के बड़े विवाद की आशंका भी फिलहाल कम दिखती है। अब सबकी नजरें फिल्म की रिलीज और पहले दिन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। क्या यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी और बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचेगी? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल ‘रामायण’ को लेकर माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा है।

























