Chardhamyatra : गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यमुनोत्री धाम में 4,98,367 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए, जबकि गंगोत्री धाम में 5,17,485 श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त किया है। दोनों धामों में लगातार बढ़ रही तीर्थयात्रियों की संख्या आस्था और श्रद्धा का बड़ा उदाहरण है। चारधाम यात्रा के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह लगातार देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने के पहले 47 दिनों में ही दोनों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख से अधिक हो चुकी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या में लगभग 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो बढ़ती धार्मिक आस्था और बेहतर व्यवस्थाओं का संकेत माना जा रहा है। बीते 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा के तहत 4 जून तक गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कुल 10,15,852 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वर्ष 2025 की समान अवधि में यह संख्या 9,44,804 थी। इस तरह इस वर्ष अब तक 71,048 अधिक श्रद्धालु धामों तक पहुंचे हैं। आंकड़ों के अनुसार यमुनोत्री धाम में 4,98,367 और गंगोत्री धाम में 5,17,485 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है
यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है और दोनों धामों में दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है। यात्रा अवधि के दौरान अब तक कुल 99,165 वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है, जिनमें 74,365 छोटे वाहन और 24,800 बड़े वाहन शामिल हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि यात्रा निर्बाध रूप से जारी रह सके। एसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री के सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन एवं सतत संवाद के संकल्प के अनुरूप उत्तरकाशी पुलिस यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में जुटी हुई है। यात्रा मार्गों से लेकर धामों तक सुरक्षा, यातायात और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यात्रा व्यवस्था पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। संचालन को प्रभावी बनाने के लिए दोनों धाम क्षेत्रों को दो सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच प्रशासन का मुख्य ध्यान यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर केंद्रित है।


