ChhattisgarhNews: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के करंजी क्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि पति ने पत्नी पर चरित्र संदेह के चलते अमानवीय व्यवहार किया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस घटना ने समाज को हिला कर रख दिया है और पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वैवाहिक जीवन में जब संदेह और अविश्वास बढ़ जाते हैं, तो वे रिश्तों की नींव को कमजोर कर देते हैं और कई बार इंसानियत को भी झकझोर देते हैं। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के करंजी क्षेत्र से सामने आई इस घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है, जहां पति ने पत्नी पर चरित्र संदेह के चलते अमानवीय व्यवहार किया। इस मामले ने न सिर्फ समाज को स्तब्ध किया है, बल्कि वैवाहिक रिश्तों की गरिमा और विश्वास पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्रूरता की पराकाष्ठा दिल दहला देने वाली वारदात ने सबको झकझोर दिया

यह घटना करंजी की रहने वाली तारा सारथी के साथ हुई। वर्ष 2006 में तारा का विवाह जितेंद्र के साथ हुआ था। शुरुआती वर्षों में उनका वैवाहिक जीवन सुखमय रहा और दोनों के चार बच्चे भी हुए। हालांकि, कुछ समय से दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी और वे अलग रह रहे थे। पति जितेंद्र अपनी पत्नी तारा पर अन्य रिश्तेदारों के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगा रहा था, वहीं तारा अपने पति पर किसी अन्य महिला से संबंध रखने का आरोप लगा रही थी। हाल ही में तारा अपने किसी रिश्तेदार के घर गई हुई थी, तभी आरोपी पति जितेंद्र वहां पहुंचा और उसे जबरन अपने साथ ले आया। आरोप है कि बच्चों के सामने ही उसने पहले पत्नी के पैर बांध दिए और फिर उसका सिर मुंडवा दिया। इसके बाद भी उसकी क्रूरता नहीं रुकी। बताया जा रहा है कि उसने पत्नी को अपना और बच्चों का पेशाब पिलाया और उसके चेहरे पर मोबिल डालकर उसे काला कर दिया। इतना ही नहीं, एक बच्चे से भी पीड़िता के ऊपर पेशाब करवाने का आरोप है। इस दौरान कुछ लोग उसकी इस बर्बरता को देखते रहे और कथित तौर पर उसका साथ भी देते रहे।

सामाजिक कार्यकर्ता की सक्रिय भूमिका, पीड़िता के लिए न्याय की मांग तेज
इस भयावह घटना के बाद, पीड़ित महिला तारा ने कोरिया जिले के पटना में शिकायत दर्ज कराई है। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी इस महिला को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक तारा को इंसाफ नहीं मिल जाता, वे उसकी लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर आला अधिकारियों तक की है और पीड़ित के साथ आईजी सरगुजा से भी मुलाकात करेंगे।

संदेह का जहरीला असर रिश्तों में दरार और विश्वास का टूटना

यह घटना एक गंभीर प्रश्न खड़ा करती है कि कैसे संदेह और अविश्वास किसी व्यक्ति को इस हद तक अंधा कर सकता है कि वह अपने ही जीवनसाथी के साथ अमानवीय व्यवहार करने पर उतर आए। विवाह को सात जन्मों का पवित्र बंधन माना जाता है, लेकिन जब इसमें शक घर कर लेता है, तो वही रिश्ता प्रेम से बदलकर तनाव और हिंसा का रूप ले लेता है। इस मामले में पति की शंका ने न सिर्फ पत्नी की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि बच्चों के मासूम मन पर भी गहरा और दर्दनाक असर डाला।

पीड़िता को न्याय की मांग तेज, समाज में जागरूकता की अपील

यह घटना महिलाओं की सुरक्षा और वैवाहिक रिश्तों में भरोसे की अहमियत को एक बार फिर सामने लाती है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और पीड़िता को जल्द न्याय मिलना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की क्रूरता करने की हिम्मत न कर सके। साथ ही, समाज में जागरूकता फैलाना भी आवश्यक है, जिससे लोग समझें कि संदेह और अविश्वास समस्याओं का समाधान नहीं बल्कि रिश्तों के टूटने और विनाश का कारण बनते हैं।

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